जगदलपुर
चंद्रहास वैष्णव 
दिनांक 15 फरवरी को बस्तर जिला ओपन शतरंज चैम्पियनशिप प्रतियोगिता सम्पन्न हुई। पुरस्कार वितरण समारोह में पद्मश्री धरमपाल सैनी जी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे । उन्होंने अपने उदबोधन में जिला शतरंज संघ की उनके कार्य की प्रशंसा की । उन्होंने कहा कि खिलाड़ी को हार से चिंतित नहीं होना चाहिए बल्कि चिंतन करना चाहिए और सीख लेकर आगे बढ़ना चाहिए । उन्होंने विजेताओं को पुरस्कृत किया सभी खिलाड़ियों को प्रोत्साहित और प्रेरित किया। राजेश त्रिपाठी और अशोक तिवारी विशेष अतिथि थे उन्होंने सभी खिलाड़ियों को बधाई दी।
इस अवसर पर जिला शतरंज संघ बस्तर के अध्यक्ष और प्रदेश शतरंज संघ छत्तीसगढ़ के संयुक्त सचिव शशांक श्रीधर ने बताया यह टूर्नामेंट बस्तर जिले के लिए बहुत ऊंची उड़ान है, इसका कारण बताते हुए उन्होंने कहा कि स्वीस पद्धति से बस्तर के आर्बिटरों ने पहली बार पूरी तरह से अपनी क्षमता से टूर्नामेंट सम्पन्न कराने में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की जिसमें बस्तर के ही आर्बिटरों पूर्णिमा सरोज, जयश्री शेंडे, अयाज़ चामड़िया और अभिनव जेना ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। तरुण सारथी चीफ आर्बिटर थे जिन्होंने कम्प्यूटर पर हर राउंड की पेयरिंग, हर राउंड का रिजल्ट इत्यादि अत्यंत महत्वपूर्ण कार्य सफलतापूर्वक सम्पन्न किए। शशांक श्रीधर ने कहा इसी स्प्रीट को बरकरार रखते हुए बहुत ऊपर उठना है। बस्तर में शतरंज का माहौल ऐसा क्रिएट करना है कि हर घर का बच्चा बोले मुझे चेस बोर्ड लेना है, चेस खेलना है। चेस में उज्जवल भविष्य भी है। आज खिलाड़ी के रूप में कैरियर तो है ही इसके अलावा एक उत्कृष्ट आर्बिटर और बेहतरीन कोच बनकर भी कैरियर को संवार सकते हैं। इस टूर्नामेंट की सफलता में प्रदेश शतरंज संघ के महासचिव विनोद राठी जी का मार्गदर्शन अत्यंत महत्वपूर्ण ओर प्रेरणादाई रहा।
यह टूर्नामेंट बस्तर में शतरंज के क्षेत्र में एक अंगद का पैर साबित होगा। और बस्तर अब आगे जाने के सपने देखने में सक्षम हो रहा है। यह सब जिला शतरंज संघ के पदाधिकारियों और सभी सदस्यों के अत्यंत महत्वपूर्ण सहयोग से ही संभव होने लगा है और संभव से संभावनाएं जन्म लेती है। खिलाड़ियों में भी संभावनाएं नज़र आ रही है, वे प्रदेश और देश में प्रतिष्ठित प्रतियोगिताओं में भाग ले रहे हैं और बस्तर का नाम प्रज्वलित कर रहे हैं। हम सबने देखा इस जिला स्तरीय ओपन टूर्नामेंट में 5 खिलाड़ी फीडे रेटेड हैं जिन्होंने भाग लिया। और इस टूर्नामेंट में कुछ उभरते सितारे भी नज़र आ रहे हैं जिनका भविष्य शतरंज के क्षेत्र में उज्जवल है। आर्बिटर के रूप में भी कैरियर बनाने का रास्ता है। स्टेट आर्बिटर और फिर नेशनल और सीनियर नेशनल आर्बिटर बन कर आप प्रदेश और देश के विभिन्न टूर्नामेंट में आर्बिटर की भूमिका निभा सकते हैं। उसमें भी आर्बिटर की फीस और उनके रहने खाने का खर्च मिलता है।
कोचिंग का भी कैरियर है। उसमें भी आप डिप्लोमा कोर्स लेबल 1,2,3 इत्यादि करने के बाद मुक्कमल कोच बन सकते हैं।
हम सबको अत्यंत प्रसन्नता है कि जगदलपुर से शशांक श्रीधर, जयश्री शेंडे, श्रीमती पूर्णिमा सरोज श्री अभिनव जेना, श्री अयाज़ चामड़िया, कोचिंग का डिप्लोमा प्राप्त कर चुके हैं। और उससे भी बढ़कर हर्ष का विषय है कि तरुण सारथी, शशांक श्रीधर, पूर्णिमा सरोज और जयश्री शेंडे नेशनल आर्बिटर की परीक्षा उत्तीर्ण कर चुके हैं। राजेश जेना जी और श्री अयाज़ चामड़िया पहले ही स्टेट आर्बिटर का दर्जा प्राप्त कर चुके हैं।
इस टूर्नामेंट को कराने में हमें बहुत संकोच हो रहा था क्योंकि बच्चों की परीक्षाओं का समय है और चुनाव में बहुतों की ड्यूटी लगी हुई है। लेकिन हमारे प्रिय उमर रिजवी, जयसिंह, राहुल नाग, अनन्य मिगलानी, इन लोगों ने टूर्नामेंट करवाने हेतु बहुत प्रेरित किया और हमने इन विपरीत परिस्थितियों में भी टूर्नामेंट कराने की योजना बनाई। फिर हमारे सचिव महोदय हितेश तिवारी अभिनव जेना और सभी पदाधिकारी जुट गए और इस आयोजन को सफल बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। परंतु सभी खिलाड़ी और बच्चे साथ में उनके अभिभावकों के महत्वपूर्ण सहयोग के बिना यह मिशन सफल नहीं हो सकता था । उन्होंने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया और टूर्नामेंट सफल बनाया। जिला शतरंज संघ सभी का आभार प्रकट करता है। हमारे आर्बिटरों ने अत्यंत महत्वपूर्ण सहयोग किया जिसमें तरुण सारथी, अयाज़ भाई, पूर्णिमा सरोज, जयश्री शेंडे, अभिनव जेना का नाम उल्लेखनीय है। वैसे ही अशोक तिवारी, बी एस ध्रुव, सुकीर्ति तिवारी, मंजू सारथी, फातिमा राजपूत, श्रीमती गोल्ला जी, अभिषेक जेना, लोकेश पांडे, मीनेश तिवारी, हर्ष शेंडे, राजेश त्रिपाठी जी, संगीता तिवारी, राजेश जेना,श्री व श्रीमती सेन जी , बार काउंसिल के उपाध्यक्ष राजपूत जी इन सभी का बहुत ही सौहार्दपूर्ण सहयोग सराहनीय रहा। हमारे दैनिक अखबारों एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की भूमिका भी प्रशंसनीय थी। और यूट्यूबर तेजस और परिणीता विजेता खिलाड़ियों के नाम इस प्रकार हैं
ओपन केटेगरी प्रथम स्थान साहिल सागर, दूसरा अविनाश जैन, तीसरा अलंकृता मोहराणा चतुर्थ शिखर सोना, पांचवां जयसिंह कश्यप
अंडर 11–बालिका , तराना सारथी बालक अथर्व शुक्ला
अंडर 15- बालिका – पूर्णिमा सागर। बालक , मयंक श्रीवास्तव
अवनि जेना को शालेय नेशनल प्रतियोगिता में बस्तर का प्रतिनिधित्व करने हेतु विशेष पुरस्कार प्रदान किया गया।
जिला शतरंज संघ बस्तर सभी को धन्यवाद देता है और भविष्य में भी सहयोग की आशा करता है। कार्यक्रम का संचालन पूर्णिमा सरोज ने किया और आभार प्रदर्शन बी एस ध्रुव द्वारा किया गया।
