प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा गणना की मांग को लेकर लेकर उपमुख्यमंत्री अरुण साव को टीचर्स एसोसिएशन ने सौंपा ज्ञापन पेंशन याचिका पर पारित निर्णय के तहत् संविलियन पूर्व सेवा को पेंशन योग्य सेवा मान्य करने बाबत आदेश जारी करने की मांग

यजुवेन्द्र सिंह ठाकुर

कांकेर – छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन कांकेर के प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षक (एल बी) संवर्ग के मांगो को लेकर उपमुख्यमंत्री‌ अरुण साव को ज्ञापन सौंप प्रथमनियुक्ति तिथि से सेवा गणना करते हुए पेंशन प्रदान करने की मांग की संघ पदाधिकारियो ने कहा कि प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा गणना नहीं होने के कारण 25 वर्ष से अधिक सेवा के बावजूद शिक्षक एल बी संवर्ग को रिटायर होने उपरांत जीरो पेंशन मिल रहा है। टीचर्स एसोसिएशन द्वारा उपमुख्यमंत्री के साथ कलेक्टर व जिलाशिक्षाधिकारी कांकेर को मुख्यमंत्री वित्तमंत्री मुख्यसचिव शिक्षा सचिव छग़ शासन के नाम ज्ञापन भी सौंपा!
एसोसिएशन के प्रदेश संयोजक वाजिद खान, प्रदेश महासचिव हेमेंद्र साहसी,जिलाध्यक्ष स्वदेश शुक्ला,जिला सचिव संतोष जायसवाल ने कहा कि माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर द्वारा रमेश चंद्रवंशी एवं अन्य (WPS 2255/2021), याचिकाकर्ताओं द्वारा दायर पेंशन संबंधी याचिकाओं पर दिनांक 23/01/2026को निर्णय पारित किया गया है। एवं शासन को निर्देशित किया है कि याचिकाकर्ताओं के प्रकरण में पुनर्विचार कर स्पष्ट आदेश जारी किया जाए। माननीय उच्च न्यायालय द्वारा यह महत्वपूर्ण रूप से प्रतिपादित किया गया है कि पेंशन एक कल्याणकारी योजना है तथा यह सेवाओं के बदले दिया जाने वाला स्थगित पारिश्रमिक है। साथ ही न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि संविलियन से पूर्व याचिकाकर्ताओं द्वारा दी गई दीर्घकालीन सेवाओं को अप्रासंगिक मानकर नजर अंदाज नहीं किया जा सकता। इसके अतिरिक्त माननीय उच्च न्यायालय ने यह निर्देश भी दिया है कि सेवा की निरंतरता, किए गए कर्तव्यों की प्रकृति, वेतन का स्रोत, प्रशासनिक नियंत्रण तथा संविधान के अनुच्छेद 14 एवं 16 के अंतर्गत समानता के संवैधानिक सिद्धांतों को अनिवार्य रूप से ध्यान में रखा जाना चाहिए।इस निर्णय से शिक्षक एलबी संवर्गों में हर्ष का माहौल है एवं पारित निर्णय के आधार पर शिक्षकों ने मांग किया है कि पूर्व सेवा गणना करते हुए संविलियन पूर्व सेवा को पेंशन योग्य सेवा मान्य करने की आदेश जारी किया जावे।
ज्ञापन में यह भी मांग किया गया है कि केंद्र सरकार, उत्तरप्रदेश सरकार व उत्तराखंड सरकार की तरह छत्तीसगढ़ राज्य में भी पेंशन निर्धारण के लिए 33 वर्ष अर्हकारी सेवा के स्थान पर 20 वर्ष अर्हकारी सेवा होने पर 50 % पेंशन निर्धारण का प्रावधान किया जावे।
न्यूनतम 10 वर्ष की सेवा अवधि पर पेंशन निर्धारण का प्रावधान है, इससे एल बी संवर्ग के अनेकों शिक्षक बिना पेंशन के सेवानिवृत हो रहे है,अतः न्यूनतम 5 वर्ष की सेवा अवधि पर पेंशन निर्धारण का प्रावधान किया जावे।
30 हजार सहायक शिक्षक पदोन्नति एवं क्रमोन्नति से वंचित है, पदोन्नति हेतु दिए गए वन टाईम रिलेक्सेशन की तरह क्रमोन्नति के लिए 10 वर्ष की सेवा को एक बार (वन टाइम रिलेक्सेशन) के लिए शिथिल करते हुए 5 वर्ष में क्रमोन्नति का लाभ देने प्रावधान किया जावे।
छत्तीसगढ़ राजपत्र शिक्षक पंचायत संवर्ग भर्ती तथा सेवा की शर्ते नियम 17 अगस्त 2012 के तहत शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) को अनिवार्य किया गया है, इसके पूर्व नियुक्त शिक्षकों के लिए टीईटी की अनिवार्यता समाप्त किया जावे ।
सहायक शिक्षक, शिक्षक जो केवल डीएड या समकक्ष योग्यता रखते हैं, उन सभी के लिए एनसीटीई के नियमानुसार कोर्स निर्धारण कर 6 माह के बीएड ‘ब्रिज कोर्स शीघ्र प्रारम्भ किया जावे।
स्कूलों में मोबाइल वीएसके ऐप से ऑनलाइन अटेंडेंस के स्थान पर स्कूलों में बायोमैट्रिक (पंच) मशीन से उपस्थिति लिया जावे।
ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल में छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के पदाधिकारी वाजिद खान,हेमेंद्र साहसी,स्वदेश शुक्ला,वैभव मेश्राम,यशवंत जैन,गुलाब सोन,नीरज श्रीवास्तव,सत्यनारायण नायक,भूषण शर्मा,बोधन साहू,हरि सौंदर्य,धर्मेंद्र साहू,कमलेश साहू,गोपाल साहू,गुलज़ारी साहु ,रमेश उईके,मुकेश जैन,पवन यादव,ओंकार जैन,चंद्रजय मरकाम,प्रद्युम्न श्रीवास,दशरथ उइके शामिल रहे।

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