*मोहम्मद अब्दुल नईम के लगाए आरोपों को लेकर रखा अपना पक्ष*
कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर ब्लॉक के गांव सबलपुर निवासी मोहम्मद अब्दुल नईम ने समाज से बहिष्कृत और भय के साए में जीने की बातों को लेकर उनके ही बड़े भाई के पुत्र और समाज के लोगों ने इन सब बातों को लेकर अपना पक्ष रखा ।

उन्होंने गांव के मंदिर, तालाब और गौठान के लिए अपनी जमीन मस्जिद, मदरसे और कब्रिस्तान के लिए भी जमीन दान देने की बातों को सिरे से नकारते हुए कहा कि सन 1952 के दस्तावेजों के आधार पर उनके द्वारा कोई दान नहीं देने की बात कहीं।
*सामाजिक बहिष्कार का आरोप बेबुनियाद*
मुस्लिम समाज संबलपुर द्वारा मोहम्मद अब्दुल नईम को समाज से किसी तरह से किसी भी सामाजिक कार्यों से दूर नहीं रखा है शादी हो या किसी भी परिवार की दावत पर खुद उपस्थित नहीं होते मस्जिद सब के लिए नमाज पढ़ने के लिए कभी रोक गया ना ही उन्हें आने के लिए किसी ने नहीं रोका उन्होंने खुद ही समाज से दूरी बना रखी है सामाजिक दावत हो नमाज या सामाजिक कार्यों में खुद ही नहीं आते ही इसमें किसी का दोष नहीं है ।
समाज किसी को भी बहिष्कृत नहीं किया और ना ही कब्रिस्तान में दफनाने के मौत मिट्टी के काम के लिए रोक है जो भी आरोप समाज और समाज के लोगों के ऊपर आरोप लगाए हैं बेबुनियाद और निराधार है।
मोहम्मद अब्दुल नईम के आरोपों को लेकर उनके भतीजे शेख माजिद ने बताया कि जिस जमीन को विवाद कर रहे है वो जमीन मोहम्मद शेख सुभान की थी और उन्होंने अपने जीते जी अपनी तीनों पत्नियों को संपत्ति का बंटवारा वसीयत की माध्यम से कर चुके थे वसीयत में इस बात का जिक्र है जिसमें साफ साफ लिखा है एक दूसरे के बंटवारे की जमीन पर किसी का हक नहीं होगा । लेकिन शेख सुभान की दूसरी पत्नी के बेटे मोहम्मद अब्दुल नईम अपनी बड़ी मां और चाची की जमीन को हथियाना चाहते है और उन्हें बेवजह कोर्ट और थाने का चक्कर लगवा रहे है जिस जमीन को समाज के लिए दान देने की बात कर रहे है उनकी जमीन है ही नहीं ।
*(शेख माजिद का वीडियो)*
अंजुमन इस्लामिया कमेटी संबलपुर ने मोहम्मद अब्दुल नईम के द्वारा सामाजिक बहिष्कार के आरोपों को लेकर कहा कि समाज किसी भी समाज के लोगों की सामाजिक कार्यों ,नमाज बहिष्कार करने की बातें बेबुनियाद है समाज किसी को किसी कार्यों के लिए रोक टोक नहीं किया है लोगो से सुनने को मिल रहा है कि उनके द्वारा दूसरे समाज के लोगों में भ्रम फैला रहे है कि मुस्लिम समाज लोग भाजपा को वोट नहीं देगा जब की समाज और नहीं समाज के लोग ऐसी निम्न स्तर की बाते नहीं करती और ना कभी की है। जिस जमीन को लेकर विवाद कर रहे है दस्तावेजों के आधार पर उनका कोई हक नहीं है बेवजह आए दिन जिला प्रशासन और पुलिस थाना में शिकायत करते रहते है और अधिकारियों सहित समाज के लोगों को परेशान करते है ।
* (मोहम्मद वाहिद रिज़वी)*
