चंद्रहास वैष्णव
जगदलपुर। नगर निगम चुनाव में शहर की बदहाल सडक़ें कांग्रेस शासित नगर सरकार के लिए सबसे बड़ा चुनावी मुद्दा बन गई हैं। पिछले पांच वर्षों में शहर की प्रमुख सडक़ों की हालत जर्जर हो गई, लेकिन मरम्मत के नाम पर कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। मुख्य मार्गों से लेकर वार्डों के अंदरूनी रास्तों तक गड्ढों में तब्दील हो चुके हैं, जिससे आमजन को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। अब जनता नगर निगम से जवाब मांग रही है कि आखिर सडक़ें सुधरी क्यों नहीं?
अमृत मिशन बना मुसीबत, पाइपलाइन कार्य के बाद सडक़ों की दुर्दशा
शहर में अमृत मिशन योजना के तहत पाइपलाइन विस्तार का काम किया गया, जिसके लिए सडक़ों के किनारे नालियां खोदी गईं। लेकिन काम पूरा होने के बाद नगर निगम ने सिर्फ मिट्टी डालकर खानापूर्ति कर दी, जिससे बारिश के दौरान मिट्टी धंस गई और गड्ढों में तब्दील हो गई। खासकर फ्रेजरपुर क्षेत्र, कलेक्टोरेट चौराहे से नयामुंडा मार्ग, दंतेश्वरी कॉलेज चौराहे सहित कई इलाकों की सडक़ें बेहद दयनीय स्थिति में पहुंच गईं।
विपक्ष का हमला, कांग्रेस ने सडक़ निर्माण के नाम पर जनता को ठगा
नगर निगम चुनाव में भाजपा और अन्य विपक्षी दलों ने कांग्रेस पर सीधा हमला बोला है। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाते हुए कहा कि नगर निगम ने सडक़ निर्माण के नाम पर सिर्फ कागजी घोषणाएं कीं, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात बद से बदतर होते गए। अमृत मिशन का पैसा पानी में बहा दिया गया, लेकिन सडक़ सुधारने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। भाजपा के नगर निगम चुनाव प्रभारी ललित चंद्राकर ने कहा कि कांग्रेस की नाकामी की वजह से आज पूरा शहर गड्ढों से भरा हुआ है। सडक़ें चलने लायक नहीं रहीं, लेकिन निगम प्रशासन पूरी तरह से आंखें मूंदे बैठा रहा। जनता इस बार वोट देकर कांग्रेस को सबक सिखाएगी।
