*शिवमहापुराण कथा का पार्थिव शिवलिंग पूजन, हवन एवं शोभायात्रा के साथ हुआ समापन*


यजुवेन्द्र सिंह ठाकुर

चारामा – क्षेत्र के ग्राम गिरहोला में आयोजित शिव महापुराण कथा का पार्थिव शिवलिंग पूजन, हवन पूर्णाहुति,भंडारे और शोभायात्रा के साथ दिन रविवार को समापन हुआ. कथा का वाचन पंडित दाऊलाल तिवारी के सानिध्य में सम्पन्न हुआ.

कथा की शुरुआत 8 जनवरी से ग्राम गिरहोला के टिकरापारा में सभी ग्रामीणों के सहयोग से की गई थी. सात दिवसीय इस कथा के अंतिम दिवस द्वादश ज्योतिर्लिंग की कथा का वाचन किया गया. कथा के पूर्व 201 पार्थिव शिवलिंग का अभिषेक एवं षोडशोपचार के साथ पूजन किया गया. जिसके उपरांत कथा आरम्भ की गई. कथा व्यास पंडित ने शिवमहापुराण के बारे में बताया कि भगवान शिव के विविध अवतार भक्तों के उद्धार के लिए हुआ है. भगवान शिव पापों का नाश करने वाले देव हैं तथा बड़े सरल स्वभाव के हैं. अपने नाम के अनुसार ही बड़े भोले-भाले एवं शीघ्र ही प्रसन्ना होकर भक्तों को मनवाँछित फल देने वाले हैं. उन्होंने कहा कि भगवान शिव मनुष्य को सांसारिक बन्धनों से मुक्ति प्रदान करने वाले देव है. शिव की भक्ति से सुख व समृद्धि प्राप्त की जा सकती है. इस अलौकिक शिवपुराण की कथा सुनना अर्थात पाप से विमुक्त होना है.
इस दौरान कथा श्रवण करने सैकड़ों की संख्या में भक्त पहुचे. सभी ने पार्थिव शिवलिंग का पूजन और हवन पूर्णाहुति में शामिल रहे. शिव महापुराण में अंतिम दिवस आयोजित भोग प्रसादी में कभी संख्या में लोगो ने प्रसाद ग्रहण किया. संध्या 4:30 बजे बाजे गाजे के साथ पूरे गांव में विशाल शोभायात्रा निकाली गई.

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