चंद्रहास वैष्णव 
ऑनलाइन फार्मेसी के बढ़ते कारोबार और भारी डिस्काउंट नीति के विरोध में आज बस्तर सहित पूरे देश में दवा व्यवसायियों ने राष्ट्रव्यापी बंद का आयोजन किया। देशभर के दवा विक्रेताओं की केंद्रीय संस्था के आह्वान पर आयोजित इस आंदोलन के तहत लगभग 12.5 लाख मेडिकल स्टोर पूरी तरह बंद रहे। बस्तर जिला केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन (BCDA) के नेतृत्व में जगदलपुर सहित जिलेभर के मेडिकल संचालकों ने धरना-प्रदर्शन कर अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई।
प्रदर्शन के दौरान दवा व्यवसायियों ने कहा कि ऑनलाइन फार्मेसी कंपनियों द्वारा मनमाने तरीके से दवाओं की बिक्री की जा रही है, जिससे छोटे मेडिकल स्टोर संचालकों का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है। दवा व्यापारियों का आरोप है कि कॉर्पोरेट कंपनियां भारी छूट देकर बाजार पर कब्जा करने की कोशिश कर रही हैं, जबकि छोटे दुकानदार आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं।
बस्तर केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष एवं सीसीडीए कार्यसमिति सदस्य दुर्गा प्रसाद गुप्ता ने कहा कि
“यह आंदोलन सिर्फ व्यापार बचाने के लिए नहीं बल्कि आम केमिस्टों के अस्तित्व की लड़ाई है। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन कंपनियां हजारों डिब्बों में सीधे थोक दवाइयां खरीदती हैं, जबकि एक छोटे दुकानदार के लिए सीमित मात्रा में दवा खरीदना ही संभव हो पाता है। इस असमान प्रतिस्पर्धा के कारण छोटे मेडिकल स्टोर संचालकों के सामने दुकान का किराया, कर्मचारियों का वेतन और परिवार का खर्च चलाना भी कठिन हो गया है।”
उन्होंने कहा कि दवा का व्यवसाय सिर्फ व्यापार नहीं बल्कि मानव सेवा से जुड़ा कार्य है। स्थानीय मेडिकल स्टोर रात-दिन मरीजों की सेवा में लगे रहते हैं, जबकि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म केवल मुनाफे के उद्देश्य से काम कर रहे हैं।
प्रदर्शन के दौरान दवा व्यवसायियों ने ऑनलाइन फार्मेसी से समाज में बढ़ रहे खतरों को लेकर भी चिंता जताई। दुर्गा प्रसाद गुप्ता ने आरोप लगाया कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का दुरुपयोग कर एक ही डॉक्टर के पर्चे पर मरीज का नाम और तारीख बदलकर बार-बार नशीली दवाइयां मंगाई जा रही हैं। इससे युवाओं में नशे की लत तेजी से बढ़ रही है और समाज पर इसका गंभीर प्रभाव पड़ रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि ऑनलाइन माध्यमों के जरिए नकली और एक्सपायर्ड दवाओं का कारोबार बढ़ने का खतरा लगातार बना हुआ है। कई मामलों में दवाओं के रैपर और एक्सपायरी डेट बदलकर बाजार में बेचने की शिकायतें सामने आ चुकी हैं। डिस्काउंट के लालच में मरीज ऐसी दवाएं खरीद लेते हैं, जिससे उनके स्वास्थ्य और जीवन पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है।
हालांकि बंद के दौरान मरीजों की परेशानियों को ध्यान में रखते हुए बस्तर केमिस्ट एसोसिएशन ने आपातकालीन सेवाओं की व्यवस्था बनाए रखी। एसोसिएशन द्वारा चार इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए, ताकि किसी भी गंभीर मरीज को आवश्यक दवा समय पर उपलब्ध कराई जा सके।
दवा व्यवसायियों ने सरकार से मांग की कि ऑनलाइन फार्मेसी के लिए कड़े नियम बनाए जाएं, बिना डॉक्टर के पर्चे के दवा बिक्री पर रोक लगे और छोटे दवा व्यापारियों के हितों की रक्षा सुनिश्चित की जाए। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द ठोस कदम नहीं उठाए, तो राष्ट्रीय संगठन के निर्देश पर आने वाले दिनों में देशभर में और उग्र आंदोलन किया जाएगा।
बस्तर में आयोजित इस धरना-प्रदर्शन में मुख्य रूप से प्रशांत सरडे (अध्यक्ष,BCDA),दुर्गा प्रसाद गुप्ता (पूर्व अध्यक्ष, BCDA व कार्यसमिति सदस्य, CCDA),असद खान (उपाध्यक्ष, BCDA),सतीश शुक्ला (सचिव, BCDA),रोहित महापात्र (कोषाध्यक्ष, BCDA),विनोद श्रीवास्तव (संगठन सचिव, BCDA) एवं बड़ी संख्या में मेडिकल संचालक शामिल रहें।
