*अमित शाह के बस्तर आगमन पर कांग्रेस ने उठाए सवाल, कलेक्टर को सौंपा 13 सूत्रीय ज्ञापन*

चंद्रहास वैष्णव

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक में शामिल होने के लिए बस्तर आगमन पर राजनीति गर्मा गई है। बस्तर जिला कांग्रेस कमेटी (शहर) के अध्यक्ष सुशील मौर्य के नेतृत्व में कांग्रेस के एक संयुक्त प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को जिला कलेक्टर को 13 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा। इसमें उन्होंने गृह मंत्री से चर्चा करने और बस्तर के विकास से जुड़े गंभीर मुद्दों पर जवाब देने के लिए समय देने की मांग की है।

*’डबल इंजन’ सरकार पर साधा निशाना*

कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि ‘डबल इंजन’ सरकार के ढाई साल के कार्यकाल में बस्तर में विकास के नाम पर कुछ नहीं हुआ है। बस्तर की शांति के लिए सुरक्षा बलों के जवानों, आदिवासियों और कांग्रेस नेताओं ने अपनी जान न्यौछावर की है, लेकिन वर्तमान में क्षेत्र की जनता उपेक्षित महसूस कर रही है।

*ज्ञापन में उठाए गए प्रमुख 13 बिंदु:*

* नगरनार स्टील प्लांट: क्या सरकार गारंटी देगी कि इस प्लांट का विनिवेशीकरण (निजीकरण) नहीं किया जाएगा?
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* NMDC मुख्यालय: एनएमडीसी का मुख्यालय जगदलपुर (बस्तर) कब स्थानांतरित किया जाएगा?

* शिक्षा व संसाधन: बस्तर के लगभग 2000 से अधिक बंद किए गए स्कूलों को दोबारा क्यों नहीं खोला गया? आदिवासियों की जल, जंगल और जमीन को क्यों बेचा जा रहा है?

* कानूनी व वित्तीय मुद्दे: जेलों में बंद निर्दोष आदिवासियों की रिहाई और उन पर दर्ज फर्जी मुकदमे कब वापस होंगे? साथ ही, नक्सल प्रभावित सभी ग्राम पंचायतों को ₹1-1 करोड़ की राशि कब दी जाएगी?

* बुनियादी समस्याएं: बस्तर, दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा में पिछले वर्ष भारी बारिश से क्षतिग्रस्त हुई सड़कों व पुल-पुलियों की मरम्मत अब तक क्यों नहीं की गई?

कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि इन ज्वलंत मुद्दों पर केंद्रीय गृह मंत्री से चर्चा का समय नहीं मिला, तो पार्टी बस्तर के आदिवासियों और स्थानीय नागरिकों के हक के लिए उग्र आंदोलन करेगी।