चंद्रहास वैष्णव 
छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता मोहन मरकाम ने आज राजीव भवन में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान केंद्र की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। मरकाम ने बढ़ती महंगाई, पेट्रोलियम पदार्थों की खपत और केंद्र सरकार की “दोहरी नीति” को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े किए।
*”दिखावे की अपील कर रही है मोदी सरकार”*
मोहन मरकाम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हाल ही में पेट्रोलियम पदार्थों के कम उपयोग की अपील पर तंज कसते हुए कहा कि यह सब केवल दिखावा है। उन्होंने कहा:
*”प्रधानमंत्री जनता से तो अपील कर रहे हैं, लेकिन क्या वे खुद और उनके मंत्री इसका पालन कर रहे हैं? भाजपा के कुछ मंत्री केवल फोटो खिंचवाने के लिए एक-दो दिन साइकिल या रिक्शा का उपयोग करते हैं और काफिले में गाड़ियां कम करने का नाटक करते हैं। जनता की आंखों में धूल झोंकने के बजाय उन्हें इसका अक्षरशः पालन करना चाहिए।”*
जब उनसे यूपीए सरकार के समय की ऐसी ही अपीलों के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस शासन के दौरान प्रधानमंत्री और मंत्रियों ने खुद उदाहरण पेश करते हुए पेट्रोलियम की बचत की थी, जबकि वर्तमान सरकार में यह केवल एक “नौटंकी” बनकर रह गया है।
*अमित शाह के बस्तर दौरे और सुरक्षा पर सवाल*
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आगामी 18 और 19 मई के बस्तर दौरे को लेकर भी मोहन मरकाम ने मोर्चा खोला। मरकाम ने सुरक्षा घेरे और गाड़ियों की संख्या पर सवाल उठाते हुए कहा:
* नक्सल मुक्त बस्तर: मरकाम ने दावा किया कि अब बस्तर नक्सल मुक्त हो चुका है, इसलिए गृह मंत्री को भी अपने भारी-भरकम सुरक्षा घेरे को कम करना चाहिए।
* ईंधन की बचत: उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि यदि केंद्र वाकई पेट्रोलियम बचाने के प्रति गंभीर है, तो अमित शाह को अपने लंबे कारकेड (काफिले) में गाड़ियों की संख्या कम करनी चाहिए।
* कथनी और करनी में अंतर: मरकाम ने आशंका जताई कि इस बार भी गृह मंत्री अपने ‘फुल प्रोटेक्शन’ और लंबी कारों की कतार के साथ ही बस्तर आएंगे, जो उनकी सरकार की कथनी और करनी के अंतर को उजागर करेगा।
*महंगाई के लिए गलत नीतियों को ठहराया जिम्मेदार*
मरकाम ने देश में आसमान छूती महंगाई का मुख्य कारण प्रधानमंत्री मोदी की “गलत विदेश नीतियों” को बताया। उन्होंने तर्क दिया कि:
* भारत अपने मित्र देशों जैसे रूस और ईरान से सीधे तेल नहीं खरीद रहा है।
* केंद्र सरकार अंतरराष्ट्रीय दबाव, विशेषकर पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के समय की नीतियों के सामने “सरेंडर” कर चुकी है।
* इन्हीं गलत नीतियों के कारण आज जनता महंगाई की मार झेल रही है।
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प्रेस वार्ता के अंत में उन्होंने कहा कि जो नारा मोदी जी ने दिया था— *”बहुत हुई महंगाई की मार, अबकी बार मोदी सरकार”* आज देश की जनता उसे बदलकर कह रही है— *”बहुत हुई महंगाई की मार, गद्दी छोड़ो मोदी सरकार।”*
