*मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक में विकास और सुरक्षा पर मंथन* “अमित शाह बोले – कृषि, सहकारिता और आत्मनिर्भरता बनेगी बस्तर विकास की आधारशिला”

 

चंद्रहास वैष्णव

जगदलपुर,बस्तर संभाग मुख्यालय जगदलपुर में मंगलवार को आयोजित मध्य क्षेत्रीय परिषद (Inter-State Council) की महत्वपूर्ण बैठक में विकास, सुरक्षा, आधारभूत संरचना और अंतरराज्यीय समन्वय जैसे अहम विषयों पर व्यापक चर्चा हुई। बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने की। परिषद में शामिल राज्यों—Chhattisgarh, Madhya Pradesh, Uttar Pradesh और Uttarakhand के मुख्यमंत्रियों ने बैठक में भाग लिया।

बैठक के बाद आयोजित प्रेस वार्ता में केंद्रीय गृह मंत्री ने बस्तर के विकास और नक्सलवाद उन्मूलन को लेकर केंद्र सरकार की रणनीति और विजन को विस्तार से सामने रखा। उन्होंने कहा कि बस्तर का विकास बड़े उद्योगों के बजाय कृषि, सहकारिता और स्थानीय संसाधनों पर आधारित मॉडल से किया जाएगा, जिससे यहां के आदिवासी और ग्रामीण परिवार आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें।

*सहकारिता आधारित विकास मॉडल पर जोर*

अमित शाह ने कहा कि बस्तर की भौगोलिक और सामाजिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए यहां उद्योग आधारित मॉडल लागू करना व्यवहारिक नहीं है। इसलिए सरकार कृषि, डेयरी, वन उत्पाद और सहकारिता के माध्यम से स्थानीय लोगों की आय बढ़ाने पर फोकस कर रही है।

उन्होंने ‘सहित गूंडाधुर सेवा डेरा’ योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इस योजना के जरिए ग्रामीण युवाओं और आदिवासी परिवारों को स्वरोजगार से जोड़ा जा रहा है। सरकार कौशल विकास (स्किल डेवलपमेंट) के माध्यम से युवाओं को प्रशिक्षित कर आर्थिक रूप से सक्षम बना रही है।

गृह मंत्री ने कहा कि सहकारिता केवल एक योजना नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक परिवर्तन का माध्यम है, जिसमें सभी लोग श्रम और सहभागिता के जरिए सम्मानजनक आय अर्जित करते हैं।

*2031 तक बस्तर की तस्वीर बदलने का लक्ष्य*

केंद्रीय गृह मंत्री ने बस्तर के लिए सरकार के दीर्घकालिक विजन की जानकारी देते हुए कहा कि अगले पांच वर्षों में यहां के प्रत्येक नागरिक की औसत आय को कम से कम छह गुना बढ़ाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए वैज्ञानिक योजना तैयार की गई है, जिसमें कृषि विस्तार, सिंचाई, ग्रामीण उद्योग, डेयरी, लघु वन उपज और बाजार व्यवस्था को मजबूत करने पर काम किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उन्हें धरातल तक पहुंचाकर लोगों के जीवन स्तर में वास्तविक बदलाव लाना है।

*सड़क, रेलवे और मोबाइल नेटवर्क पर विशेष फोकस*

अमित शाह ने कहा कि पूर्व में नक्सल प्रभावित होने के कारण बस्तर में विकास की मूलभूत परिस्थितियां नहीं बन पाई थीं। कई गांव सड़क, बिजली, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी सुविधाओं से वंचित थे।

उन्होंने बताया कि अब क्षेत्र में तेजी से आधारभूत संरचना का विस्तार किया जा रहा है। गांवों तक पक्की सड़कें पहुंच रही हैं, नए अस्पताल और स्कूल खोले जा रहे हैं तथा मोबाइल टावर स्थापित कर संचार व्यवस्था मजबूत की जा रही है। इसके साथ ही हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के लिए भी व्यापक अभियान चलाया जा रहा है।

गृह मंत्री ने कहा कि बस्तर को रेलवे नेटवर्क से जोड़ने तथा सिंचाई परियोजनाओं की रूपरेखा तैयार करने का कार्य भी युद्ध स्तर पर जारी है, जिससे आने वाले समय में क्षेत्र की कृषि और व्यापार व्यवस्था को नई गति मिलेगी।

*नक्सलवाद अंतिम दौर में, पुनर्वास पर सरकार का फोकस*

सुरक्षा व्यवस्था पर बोलते हुए अमित शाह ने कहा कि बस्तर में नक्सलवाद अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है और सुरक्षा बलों के संयुक्त अभियान से लगातार सफलता मिल रही है। उन्होंने भटके हुए युवाओं से हिंसा छोड़कर मुख्यधारा में लौटने की अपील की।
उन्होंने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले पूर्व नक्सलियों के पुनर्वास के लिए भारत सरकार ने 20 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक पुनर्वास केंद्र स्थापित किया है। इस केंद्र में स्किल डेवलपमेंट, शिक्षा, साइकोलॉजिकल मैपिंग और प्रोफेशनल काउंसलिंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, ताकि वे सम्मानपूर्वक नया जीवन शुरू कर सकें।

गृह मंत्री ने कहा कि सरकार की नीति केवल सुरक्षा अभियान तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज से भटके लोगों को दोबारा मुख्यधारा से जोड़ना भी उसका महत्वपूर्ण उद्देश्य है।

*भ्रामक प्रचार से सतर्क रहने की अपील*

बस्तरवासियों को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि जिन ताकतों ने पिछले कई दशकों तक क्षेत्र को बंदूक के साये में रखा और विकास को बाधित किया, वे आज भी अलग-अलग रूपों में लोगों को भ्रमित करने का प्रयास कर सकती हैं।

उन्होंने जनता से अपील की कि वे किसी भी भ्रामक प्रचार या अफवाहों में न आएं और केवल लोकतांत्रिक संस्थाओं—ग्राम पंचायत, राज्य सरकार और भारत सरकार—पर भरोसा रखें। उन्होंने कहा कि यही संस्थाएं बस्तर के स्थायी और सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध होकर कार्य कर रही हैं।