यजुवेन्द्र सिंह ठाकुर 
कांकेर जिले के विकासखंड भानुप्रतापपुर के ग्राम पंचायत डोंगरकटट्टा व्यपारीपारा की बालिका का विवाह दिनांक 19/05/2026 दिन मंगलवार से महलिया (सगाई) की रस्म के साथ बालोद जिले के ग्राम तुमड़ीसुर के युवक के साथ शुरू होने वाली थी। जिसमें जिला कार्यालय को बाल विवाह की सूचना प्राप्त होने पर जिला कार्यक्रम अधिकारी के आदेशानुसार एवं जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी के मार्गदर्शन व निर्देशन पर जिला बाल संरक्षण अधिकारी के नेतृत्व में टीम तैयार की गई जिसमें परियोजना अधिकारी भानुप्रतापपुर, चाइल्ड लाईन से परामर्शदाता, केश वर्कर व भानुप्रतापुर पुलिस विभाग के स्टॉफ थे। मौके पर ग्राम पंचायत डोंगरकट्टा व्यपारीपारा में जाकर संयुक्त टीम के द्वारा विवाह शुरू होने के कार्यक्रम को रोकने की कार्यवाही की गई जिसमें बालिका की उम्र सबंधित दस्तावेजो जैसेंः दसवी की अंकसूची, आधार कार्ड आदि की जांच कि गई जिसमें बालिका की उम्र 17 वर्ष 7 माह पायी गई व जिले बालोद के युवक की आयु भी 19 वर्ष पायी गई, जो की बाल विवाह प्रतिषेद अधिनियम 2006 के विपरित पायी गई जांच व सत्यापन के पश्चात् बालिका के विवाह को रोकने की कार्यवाही शुरू की गई जिसमें परिवार के सदस्यों में माता पिता, बड़े भाई, बड़े पिता जी, दादी, ग्राम वासी भूतपुर्व सरपंच, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता संयुक्त टीम के समक्ष में बाल विवाह के कानूनी प्रावधानो व दुष्परिणामों से अवगत कराते हुए बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 में सजा की प्रावधानो की जानकारी देते हुए परिजनो को समझाइस दी गई जिसमें परिजनो ने बात मानते हुए विवाह को रोकने हेतु सहमति लिखित में दी तत्पश्चात् बाल विवाह को रोका गया। इसी तरीके से बालोद जिले के ग्राम पंचायत तुमड़ीसुर के युवक का विवाह तय किया गया था जिसकी उम्र 19 वर्ष पायी गई जहां बालिका का विवाह तय किया गया था, उस जिले की संयुक्त टीम के द्वारा वर पक्ष के यहां पहुंच कर त्वरित कार्यवाही करते हुए बाल विवाह रोका गया। टीम में जिला बाल संरक्षण अधिकारी रीना लारिया, परियोजना अधिकारी श्रीमती ममता सुकदेवे पर्यवेक्षक श्रीमती ज्योति राठौर, चाईल्ड हेल्प लाईन (1098) परामर्शदाता श्री सोपेन्द्र, केसवर्कर पूनम कोर्राम पुलिस विभाग से एएसआई श्रीमती कलावती थापा, महिला प्रधान आरकक्षक दिलेश्वरी ठाकुर आरक्षक फट्टू उसेंडी, सुबेसिंग कावडे, सुरेन्द्र ठाकुर थे।
