चंद्रहास वैष्णव 
जगदलपुर। छत्तीसगढ़ की आपातकालीन सेवाओं ने अब हाईटेक दौर में प्रवेश कर लिया है। किसी दुर्घटना, अपराध, सड़क हादसे, महिला उत्पीड़न या अन्य आपात स्थिति में अब लोगों को पहले से कहीं ज्यादा तेज और तकनीकी सहायता मिल सकेगी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 18 मई को रायपुर में ‘नेक्स्ट जेन CG Dial-112’ इंटीग्रेटेड इमरजेंसी रिस्पॉन्स सपोर्ट सिस्टम (ERSS 2.0) का शुभारंभ करते हुए राज्यभर के लिए 400 से अधिक अत्याधुनिक वाहनों को हरी झंडी दिखाई थी। इसी कड़ी में बुधवार को बस्तर संभाग मुख्यालय जगदलपुर के लालबाग परेड ग्राउंड में डायल-112 फेस-2 सेवा की औपचारिक शुरुआत की गई। इस दौरान जगदलपुर विधायक किरण देव, बस्तर आईजी सुंदरराज पी, कलेक्टर आकाश छिकारा, पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा, महापौर संजय पांडे और नगर निगम सभापति खेमसिंह देवांगन ने जिले को मिली 11 अत्याधुनिक डायल-112 गाड़ियों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम में पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, जवान और बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। विधायक किरण देव ने कहा कि डायल-112 केवल एक हेल्पलाइन नहीं, बल्कि आम लोगों की सुरक्षा का भरोसेमंद साथी है। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक आधारित यह सेवा कानून व्यवस्था को और मजबूत करेगी तथा पुलिस और जनता के बीच विश्वास बढ़ाएगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी संकट की स्थिति में बिना डर इस सेवा का उपयोग करें।
आईजी ने कहा कि नई डायल-112 सेवा की सबसे बड़ी खासियत यह है कि अब पुलिस सहायता केवल फोन कॉल तक सीमित नहीं रहेगी। नागरिक अब SOS-112 एप, व्हाट्सएप, SMS, ईमेल, चैटबॉट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए भी तुरंत मदद मांग सकेंगे। नई तकनीक में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित लोकेशन ट्रैकिंग सिस्टम जोड़ा गया है, जिससे मुसीबत में फंसे व्यक्ति की सटीक लोकेशन कुछ ही सेकंड में ट्रेस हो जाएगी। इससे पुलिस और राहत टीमों को घटनास्थल तक पहुंचने में कम समय लगेगा। डायल-112 फेस-2 योजना के तहत अब पुलिस, एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड, महिला हेल्पलाइन, चाइल्ड हेल्पलाइन, नेशनल हाईवे इमरजेंसी और आपदा प्रबंधन जैसी सेवाओं को एकीकृत प्लेटफॉर्म पर लाया गया है। यानी अब किसी भी आपात स्थिति में लोगों को अलग-अलग नंबर याद रखने की जरूरत नहीं होगी।
प्रदेश में डायल-112 सेवा वर्ष 2018 से संचालित हो रही है और अब तक लाखों लोगों को तत्काल सहायता पहुंचाई जा चुकी है। लेकिन नई ‘नेक्स्ट जेन’ व्यवस्था के बाद इसकी क्षमता और दायरा दोनों बढ़ गए हैं। सरकार का दावा है कि इससे रिस्पॉन्स टाइम कम होगा और ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों तक भी तुरंत मदद पहुंचाई जा सकेगी। नई व्यवस्था में बैकअप कंट्रोल सिस्टम भी तैयार किया गया है, ताकि किसी तकनीकी खराबी या नेटवर्क समस्या की स्थिति में सेवा प्रभावित न हो। अधिकारियों के मुताबिक, यह सिस्टम भविष्य की स्मार्ट पुलिसिंग और त्वरित आपातकालीन सेवाओं की दिशा में बड़ा कदम है।
अब सिर्फ कॉल नहीं, WhatsApp और ऐप से भी मिलेगी मदद
नई डायल-112 सेवा में नागरिक अब फोन कॉल के अलावा WhatsApp, SMS, ईमेल, चैटबॉट और SOS-112 मोबाइल एप के जरिए भी मदद मांग सकेंगे। AI आधारित लोकेशन ट्रैकिंग सिस्टम संकट में फंसे व्यक्ति की सटीक जगह तुरंत ट्रेस करेगा। महिला सुरक्षा के लिए विशेष अलर्ट और निगरानी सुविधाएं भी जोड़ी गई हैं।
बस्तर को मिलीं 11 हाईटेक इमरजेंसी गाड़ियां
डायल-112 फेस-2 परियोजना के तहत बस्तर जिले को 11 नई अत्याधुनिक वाहन सेवाएं मिली हैं। इन वाहनों में GPS, रियल टाइम ट्रैकिंग, वायरलेस कम्युनिकेशन और त्वरित रिस्पॉन्स सिस्टम जैसी आधुनिक तकनीकें लगाई गई हैं। अधिकारियों का कहना है कि इससे दुर्घटना, अपराध और अन्य आपात स्थितियों में सहायता पहले से ज्यादा तेजी से पहुंचेगी।
