नरहरपुर, मनीराम सिन्हा
क्या छीने जायेंगे नगर पंचायत/पालिका में अध्यक्ष के वित्तीय पॉवर?
नरहरपुर. 2023 विधानसभा चुनाव में भाजपा सरकार पुनः वापस लौट गई है। कई नियम बदले जाएंगे ये तो पहले से तय है। चाहे वह निर्माण कार्य हो या शासन की योजना हो या आम नागरिक से जुड़ा हुआ मामला ही क्यों ना हों सभी नियम अब नए शिरे से शुरू होना है। लेकिन सबसे अहम महत्वपूर्ण नियम जो है जिस पर नजरें सभी की टिकी हुई है क्योंकि यह मामला जनप्रतिनिधियों से जुड़ा हुआ है। भाजपा शासनकाल में नगरीय निकायों में अध्यक्ष के वित्तीय पॉवर को छीन लिया गया था। जिसके बाद जनप्रतिनिधियों में काफी मायूसी देखी जा रही थी। और वित्तीय पॉवर पुनः वापस दिलाने के लिए मांग भी की जा रही थी। लेकिन शासन ने सीएमओ और लेखापाल के संयुक्त हस्ताक्षर से चेक जारी करने का निर्देश जारी कर दिया। जब कांग्रेस की सरकार 2018 में बनी तो उन्होंने अध्यक्ष के छीने हुए वित्तिय पॉवर को एक बार पुनः लौटा दिया। जिसके बाद से नगरीय निकायों में जनप्रतिनिधियों की खुशी वापस लौट गई। लेकिन 2023 में फिर से भाजपा की सरकार लौट आई है। तो फिर से अब खतरा मंडराने लगा है कि क्या एक बार फिर अध्यक्ष के वित्तीय पॉवर को फिर से छीन लिया जाएगा ? मंत्रिमंडल का विस्तार भी अब हो चुका है. लोकसभा चुनाव तक इस फैसले को टाल सकती है या फिर इस फैसले को यथावत रखती है.
