आर एस भटनागर

जगदलपुर। शहर से 18 किमी दूर स्थित नगरनार स्टील प्लांट से निकल रहे जहरीले पानी से उपजाऊ जमीन जल रही है। प्लांट के गेट नंबर 3 से लगातार जहरीला पानी निकल रहा है। प्लांट में वेस्ट पानी के ट्रीटमेंट का प्लांट होना चाहिए लेकिन वह अब तक स्थापित नहीं हो पाया है और उसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। जहरीले पानी की वजह से जमीन बंजर होती जा रही है और आने वाले समय में जमीन में खेती संभव नहीं हो पाएगी।
बताया जा रहा है कि लगभग 150 एकड़ उपजाऊ जमीन जहरीले पानी से प्रभावित हो रही है। प्रभावित किसान इस बारे में कई बार प्लांट प्रबंधन और जिला प्रशासन से मदद की गुहार लगा चुके हैं लेकिन हर बार उन्हें मुआवजे का भरोसा दिलाकर शांत कर दिया जाता है जबकि मुआवजा इस पूरे मामले का समाधान नहीं है।
किसान कहते हैं कि मुआवजे से एक बार राहत मिलेगी लेकिन अगर जहरीले पानी को खेत तक आने से नहीं रोका गया तो जमीन बंजर हो जाएगी और उनके पास कमाई का कोई जरिया नहीं रह जाएगा। ग्रामीण कहते हैं कि प्रशासन भी इस मामले में प्लांट प्रबंधन पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बनाने के लिए दबाव नहीं डाला जा रहा है।
गेट नंबर 3 के आसपास का पूरा माहौल दूषित
प्लांट के गेट नंबर 3 की तरफ से निकलते जहरीले पानी की वजह से उस ओर का पूरा माहौल दूषित नजर आता है। जिस नाली से दूषित पानी बह रहा है वह पूरी तरह से काली हो चुकी है। उसमें जहरीली परत जम चुकी है। इसमें ऑइल के अलावा कई जहरीले कैमिकल हैं। ग्रामीण बताते हैं कि गेट नंबर 3 के आसपास पहले काफी हरियाली हुआ करती थी लेकिन अब वह पूरी तरह से खत्म हो चुकी है। वहां कभी मवेशी चरने के लिए आया करते थे, ग्रामीणों ने हालात देखते हुए अब इस पर भी रोक लगा दी है।
प्लांट से लगे तालाब में भी जा रहा जहरीला पानी
प्लांट के गेट नंबर 3 के सामने एक तालाब है। वह भी जहरीले पानी की वजह से दूषित हो रहा है। पहले यह तालाब निस्तारी में काम आया करता था लेकिन अब ग्रामीणों ने इसका उपयोग बंद कर दिया है। जानवर भी अगर इसका पानी पीते हैं तो वह बीमार पड़ जाते हैं और उनकी मौत हो जाती है। ग्रामीण लगातार जहरीले पानी का विरोध कर रहे हैं लेकिन इसका कोई समाधान नहीं निकल रहा है।
हम लगातार विरोध कर रहे पर ट्रीटमेंट प्लांट नहीं बना रहे: सरपंच
नगरनार पंचायत के सरपंच लैखन बघेल ने बताया कि ग्रामीणों के साथ वे लगातार जहरीले पानी का विरोध कर रहे हैं, लेकिन आज पर्यन्त ट्रीटमेंट प्लांट की स्थापना नहीं की गई है। यह स्थिति तीन साल से बनी हुई है। हाल के दिनों में स्थिति और भी ज्यादा भयावह हो गई है। लैखन बघेल ने कहा कि मुआवजा इस मामले का स्थाई हल नहीं है। जिला प्रशासन को इसमें स्थाई हल निकलवाना चाहिए।
हम अपना पक्ष मेल करके दे देंगे: जीएमए कम्युनिकेशन
प्लांट के जीएम कम्युनिकेशन रफीक अहमद जिनाबड़े से जब इस मामले में चर्चा करने की कोशिश की गई तो उन्होंने कहा कि इस मामले में प्लांट प्रबंधन फोन पर अपना पक्ष नहीं रखेगा। मेल के जरिए पक्ष भेज दिया जाएगा। गुरुवार शाम 7.30 बजे तक प्लांट प्रबंधन का पक्ष मेल के जरिए हमें नहीं मिल पाया था।
