यजुवेन्द्र सिंह ठाकुर
विधानसभा चुनाव में 07 नवम्बर को प्रथम चरण का मतदान कोंटा विधानसभा में होना है। जैसे-जैसे मतदान की तारीख नजदीक आ रहा है, वैसे-वैसे बस्तर संभाग के नक्सल प्रभावित इलाकों में नक्सलियों की सक्रियता और चुनाव बहिष्कार का विरोध तेज होने लगा है। इससे पहले नक्सलियों की ओर से कहीं पर्चा जारी कर तो कहीं आगजनी की वारदातों को अंजाम देकर चुनाव बहिष्कार कर रहे हैं।
उल्लेखनिय है कि बस्तर के 12 विधानसभा सीटों में से सबसे ज्यादा नक्सल प्रभावित इलाकों में से सुकमा जिले के कोंटा विधानसभा है। नक्सलियों की ओर से लगातार चुनाव का बहिष्कार अलग-अलग तरीके से किया जा रहा है। अब यह देखा जाना होगा कि 07 नवंबर को मतदान कितने शांतिपूर्ण तरीके से कराने में निर्वाचन आयोग सफल होगा। विदित हो कि इससे पहले नक्सलियों ने कांकेर और बीजापुर जिले के 04 ग्रामीणों को मौत के घाट उतार दिया था। इसमें कांकेर जिले के छोटेबेठिया थाना क्षेत्र में नक्सलियों ने पुलिस मुखबिरी के शक में 03 ग्रामीणों की हत्या की है। बीजापुर जिले के ग्राम गलगम निवासी मुचाकी लिंगा पिता मल्ला की नक्सलियों ने रस्सी से गला घोंटकर हत्या की है। चुनाव संपन्न होनेे तक नक्सली वारदात में और कितने आगजनी एवं ग्रामीणों की बलि नक्सली चढ़ाते हैं, यह बड़ा प्रश्र है।
