अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही के कारण मलेरिया से पीड़ित मरीज की मौत,भर्ती होने के बाद 24 घंटे तक न जाँच न कोई उपचार,हायर सेंटर रेफर करने के दौरान मरीज ने अस्पताल परिसर में ही तोड़ा दम,चारामा के सरकारी अस्पताल का मामला ।।

चारामा

दिनेश साहू

चारामा के रानी दुर्गावती सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र मे एक बार फिर से सनसनी खेज मामला सामने आया है । बताया जा रहा है कि 25 जुलाई को तबीयत खराब होने के बाद बालोद जिले के कंकालीन गाँव के निवासी रंजीत मंडावी पिता संतराम मंडावी उम्र लगभग 16 वर्ष को चारामा के रानी दुर्गावती सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र मे शाम के लगभग साढ़े सात बजे इलाज के लिए भर्ती कराया गया था । जिसके बाद अस्पताल में ड्यूटी कर रहे डॉक्टर ने अपने स्टाफ की नर्स को मरीज के रक्त परीक्षण कराने कहा गया रात्रि के समय लैब में रक्त परिक्षण नही हो सका लेकिन दुसरे दिन भी मरीज के जाँच व उपचार में लापरवाही बरतते हुए रक्त जाँच में लेट लतिफी की गई अस्पताल में भर्ती मरीज के इलाज में डॉक्टर व नर्स ने गंभीरता नहीं दिखाई जिसके कारण मलेरिया से पीड़ित मरीज की हालत 24 घन्टे से इलाज के अभाव मे और भी बिगड़ती चली गई । सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मरीज की हालत बिगड़ता देख अस्पताल में ड्यूटी कर रहे डॉक्टर गीतांजली जैन ने आनन फानन मे मलेरिया से पीड़ित मरीज को हायर सेंटर रेफर कर दिया । स्ट्रेचर से मरीज को एम्बुलेंस तक लाने के दौरान अस्पताल परिसर में ही मरीज ने दम तोड़ दिया । मरीज के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में घोर लापरवाही करने का आरोप लगाया है । इस दुखद घटना के संबंध में जानकारी लेने पहुँचे मीडिया कर्मियों ने संस्था प्रमुख व खण्ड चिकित्सा अधिकारी से जब इस विषय में चर्चा की तो उन्होनें भी अस्पताल के डॉक्टर व नर्स की लापरवाही की बात स्वीकार की एवं उस समय ड्यूटी कर रहे डॉक्टर व नर्स को शो काज नोटिस जारी कर घटना की सच्चाई सामने लाने की बात कही । अब आगे देखना यह है कि इस ब्लॉक के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल के जिम्मेदार लापरवाह अधिकारी कर्मचारी पर किस तरह की कार्यवाही की जाती है।

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