आकाशीय बिजली गिरने से 3 पुलिसकर्मी घायल। मंगलवार को भी 2 की मौत और 3 हो चुके है घायल।


दीपक विश्वकर्मा

एमसीबी। जिले के विकासखण्ड भरतपुर में लगातार हो रही बारिश से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। मंगलवार को बिजली गिरने से 2 लोगों की मौत और 3 के गंभीर रूप से घायल होने के बाद बुधवार को जनकपुर थाना भवन में आकाशीय बिजली गिरने से पुलिस के तीन जवान घायल हो गये है जिन्हें उपचार के लिये सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जनकपुर में भेज दिया गया है।
मिली जानकारी अनुसार जनकपुर में दो दिनों से लगातार बारिश होने के साथ ही आकाशीय बिजली गिरने से दो लोगों की मौके पर मौत हो गई थी वहीं 3 लोग घायल हो चुके है। बुधवार को भी दोपहर लगभग 12.30 बजे जनकपुर थाना में भी आकाशीय बिजली गिरने से एक महिला आरक्षक सहित तीन जवान आकाशीय बिजली की चपेट में आ गये। घटना की जानकारी मिलते ही घायलों को थाना प्रभारी द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचार के लिये भेज दिया गया है।
घटना के संबंध में थाना प्रभारी मोतीलाल शुक्ल ने बताया की आकाशीय बिजली की घटना थाने में हुई है जिसमे बिजली का सामान कम्प्यूटर , वायरलेस सेट सहित काफी नुकसान हुआ है वही एक महिला के आरक्षक को कान से कम सुनाई दे रहा है और एक आरक्षक को हाथ मे जलन हो रही है जिन्हें उपचार के लिये हास्पिटल में भर्ती करा दिया गया है।
आपको बता दें की मानसून शुरु होने के साथ बढ़ी वज्रपात की घटनाओं ने सुरक्षा को शक के दायरे में लाकर खड़ा कर दिया है। अमूमन ग्रामीण इलाकों में होने वाली इन घटनाओं को लेकर सुरक्षा पर सवाल खड़े होने लगे हैं। यह बातें चर्चा के दायरे में आ गई हैं कि क्या सरकारी भवनों में इससे बचने के उपाय किए गए हैं या उन्हें ऐसे ही छोड़ दिया गया है। दूसरे शब्दों में कहें तो यहां सरकारी भवनों पर सुरक्षा का खतरा मंडरा रहा है। खुदा न खास्ता अगर इन भवनों पर ऐसी आपदा आ गयी तो मुसीबत खड़ी हो सकती है।जाहिर सी बात है जिले में स्थित सरकारी स्कूल हों या अस्पताल यहां तड़ित चालक यंत्रों के नहीं लगने से व्यवस्था पर प्रश्न उठना लाजिमी है। जिले को ही लें तो यहां मानसून की पहली बारिश में ही आकाशीय बिजली गिरने से दो लोगों को अपनी जान की कीमत चुकानी पड़ गई जबकि इस दौरान कई मवेशियों की भी मौत हो गई। ऐसे में वहां तड़ित चालक यंत्रों की आवश्यकता महसूस होने लगी है।

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