भीषण धूप में भी जन सहयोग की “दूधनदी बचाओ” रैली सफल रही

यजुवेन्द्र सिंह ठाकुर

कांकेर। जिले तथा प्रदेश के लोकप्रिय पर्यावरण रक्षक समाजसेवी संस्था जन सहयोग

द्वारा अपने पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार 13 जून मंगलवार को सुबह 7:00 से दोपहर 1:00 बजे तक “दूध नदी बचाओ ” महा अभियान के तहत 17 किलोमीटर की पदयात्रा रैली निकाली गई ,जिसका प्रारंभ दूध नदी के स्रोत मलांजकुडूम से होकर नदी के किनारे- किनारे कांकेर शहर के पुराने बस स्टैंड तक आकर समापन हुआ. सुबह 6:30 बजे पदयात्री मलांजकुडूम पहुंचे और वहां उन्होंने पवित्र दूध नदी की पूजा अर्चना की. जलपान ग्रहण किया और पद यात्रियों की रैली चल पड़ीl रास्ते भर नारे, नृत्य गीत, संगीत तथा पर्यावरण संबंधी उपयोगी विचार-विमर्श चलता रहा . इस बीच आने वाले ग्रामों में पद यात्रियों द्वारा जन जागरूकता हेतु पर्चा वितरण, पर्यावरण संदेश प्रसारण आदि किए गए। नवागांव भावगीर में पद यात्रियों ने भोजन ग्रहण कियाl तत् पश्चात एकाएक गर्मी बढ़ जाने से तथा धूप अत्यंत तेज़ हो जाने के कारण पद यात्रियों ने बहुत पसीना बहाया, जिसे इलेक्ट्रॉल पिलाकर संस्था के समाजसेवियों ने लोगों को राहत पहुंचाईl स्वच्छ जल तथा ग्लूकोज़ का भी पर्याप्त प्रबंध थाl इसके अलावा जिला कोमल देव अस्पताल के कर्मचारी तथा चिकित्सक भी किसी की आकस्मिक अस्वस्थता की आशंका से एंबुलेंस व चिकित्सा सुविधाएं लेकर पद यात्रियों के साथ साथ चल रहे थे। उल्लेखनीय है कि आज से पूर्व दूध नदी की रक्षा हेतु पदयात्रा रैली कभी नहीं निकली थी। साइकिल रैली अवश्य निकली थी, वह भी इसी” जन सहयोग” संस्था एवं पर्यावरण प्रबोध मंच के तत्वावधान में निकली थी । पदयात्री रैली का जगह-जगह स्वागत किया गया एवं शुद्ध शीतल जल, ग्लूकोज़ इत्यादि पद यात्रियों को देकर उनकी थकान दूर की गई। पदयात्रा का समापन आदिवासी नृत्य दल के साथ, कांकेर शहर के पुराने बस स्टैंड में किया गया जहां जन सहयोग के अध्यक्ष अजय पप्पू मोटवानी तथा पर्यावरण प्रबोध मंच के अध्यक्ष मोहन सेनापति ने अपने संक्षिप्त वक्तव्यों में आम जनता से जीवनदायिनी ,पयस्विनी दूध नदी की रक्षा का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण का संरक्षण हर जगह ज़रूरी है लेकिन कांकेर में पर्यावरण की रक्षा में प्राथमिकता दूध नदी को देना आवश्यक है अन्यथा जलवायु परिवर्तन के इस दौर में लोगों का जीना बहुत कठिन हो जाएगा। पद यात्रियों की रैली में छोटे-छोटे बच्चों को भी उत्साह सहित कड़ी धूप में भी चलते हुए देखकर कांकेर वासियों को सुखद आश्चर्य हुआ। पदयात्रा करने वाले उत्साही समाज सेवकों के अध्यक्ष अजय पप्पू मोटवानी ,मोहन सेनापति (अध्यक्ष पर्यावरण प्रबोध मंच) सुनील साहू भूतपूर्व सैनिक टी के जैन, बालकृष्ण तोमर, बल्लू राम यादव, प्रवीण गुप्ता, दिनेश मोटवानी, संजू मोटवानी, लच्छू मखीजा, शैलेंद्र देहारी, भूपेंद्र यादव ,करण नेताम, धीरज ठाकुर, अभय सोनी, राजेश चौहान , संत कुमार रजक, विकास विश्वकर्मा ,डी विश्वकर्मा, श्री राम पटेल, जय चंद्र जैन, बहादुर निषाद, रानू गुप्ता, राकेश सोनवानी, शिवराम ,धनकर ,मेघा गुप्ता, यशवंत, अनुग्रह हिरवानी, प्रकाश यादव तथा रफीक़ खान आदि नवयुवकों ने अत्यंत श्रद्धा पूर्वक मातृ स्वरूपा दूध नदी के बचाव हेतु की गई पदयात्रा रैली में भाग लिया। राष्ट्रीय सेवा योजना के नौजवान साथियों ने भी मैडम अलका केरकेट्टा के नेतृत्व में पदयात्रा रैली में भाग लिया, जिनके नाम हैं -दिव्या भारती नेताम ,दया शंकर नाग ,देवेंद्र निषाद ,भगवती कोसरिया,
पुष्पेंद्र साहू, रूपेशदर्रो,धनंजय ,सत्यम ,
चंद्रप्रकाश, हरीश, शिवेंद्र, संदीप ,गौरव ,खिलेश इत्यादि ।आज के इस कार्यक्रम की सफलता पर जिले के कोने कोने से नागरिकों द्वारा कार्यक्रम संचालकों को बधाइयां तथा शुभकामनाएं प्रदान की जा रही हैं।

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