सरकारी कार्य का हवाला देकर सरकारी जमीन पर कर रहे अतिक्रमण। जिम्मेदार अधिकारी मौन,मिलीभगत की आशंका नगर के स्टेडियम के सामने की जमीन का मामला

भरत भारद्वाज

कोंडागांव – फरसगांव नगरीय क्षेत्र में भू माफियो का शासकीय भूमि में अवैध कब्जा करने का कार्य जोरो पर है शासकीय भूमि पर अवैध रूप से मिट्टी पटाने का कार्य भू माफियो के द्वारा किया जा रहा है जिस पर किसी भी नगरीय क्षेत्र के अधिकारीयो के साथ साथ राजस्व विभाग के किसी भी आधिकारी और कर्मचारियो का ध्यान आकर्षित नही हो रहा है , ऐसा ही एक मामला नगर पंचायत फरसगांव क्षेत्र अंतर्गत नगर में स्थित एक मात्र स्टेडियम के सामने का है जहां भू माफियों के द्वारा अवैध रूप से मुरूम डलवाने का कार्य किया जा रहा है , वही नगर पंचायत के अधिकारीयों से पूछने पर अलग अलग गोल मोल जवाब दिए जा रहे है कभी उस जमीन को शासकीय जमीन बताकर नाली के किनारे मुरूम पटवाने कार्य बताया जाता है और कभी भू माफियों के द्वारा निर्माण करवाने के लिऐ आवेदन देने की बात कही जा रही है जिससे यह स्पष्ट होता दिखाई देता है की भू माफियों की कही ना कही नगर पंचायत के आला अधिकारी और कर्मचारीयों से कब्जा करवाने में मिली भगत के संदेश को जन्म देता है । पूर्व में भी फरसगांव नगरीय क्षेत्र में भू माफियों ने अपने पैर पसारे है , धीरे धीरे नगरीय क्षेत्र में भूमाफियाओं का कब्जा बढ़ता जा रहा, कही न कही जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा इन पर कार्यवाही नही करने के चलते इनके हौसले बुलंद होते जा रहे , जिसके चलते अवैध कब्जा का कार्य बिना कोई झिझक के बिंदा कर रहे है ।

*अधिकारी देते रहे गोल मोल जवाब*

जब इस संबंध में नगर पंचायत के सीएमओ अशोक चौहान से फोन के माध्यम से पूछने पर उन्होंने पहले कहा की जमीन मालिक द्वारा विधिवत नगर पंचायत से अनुमति लिया होगा, ज़मीन सरकारी नही है जमीन उनकी खरीदी बिक्री की है।

वही जब नगर पंचायत के इंजिनियर हेमराज करभार से फोन के मध्यम से पूछने पर उन्होंने पहले तो नाली और रोड की जमीन सरकारी है, मैं मौके पर जा कर देखता हु फिर बताऊंगा बोला गया , 30 मिनट बाद रात लगभग 7 बजे उन्होंने खुद फोन करके बताया की मैं मौके पर हु ,जमीन किसी का नही है, वह पर नाली बनाया गया है ,और नाली खड़ी बन गई है,नाली कही गिर न जाए इस लिए नाली के दोनो ओर मिट्टी डलवाना था, ताकि उसके वाल को स्पोट मिल सके , इस लिए वह पर मिट्टी डाला जा रहा है, अभी थोड़ी देर पहले ठेकेदार के द्वारा मुझे फोन करके बताया गया है, उन्होंने बताया की नाली के ठेकेदार प्रदीप सिंह हैं । निर्माण कार्य की अवधि खत्म हो गया है यह पिछले साल का काम था,नाली की किनारे मिट्टी डलवाने के बाद काम पूर्ण हो जाएगा, ठेकेदार को पूरा पेमेंट नही हुआ है इसी लिए काम करवाया जा रहा है,नाली के ऊपर ढक्कन नही लगाने का है मेरे कहने पर ठेकेदार ने कही कही ढक्कन लगाया है,

*रितेश जायसवाल के कहने पर डाल रहा हु मिट्टी*

मिट्टी डालने वाले ट्रैक्टर चालक से पूछने पर उसने कहा की पेट्रोल पंप वाले रितेश के द्वारा कहने पर मिट्टी डाल रहा हु, उन्होंने मुझसे कहा की मेरी जमीन है इसमें मिट्टी डालना है जिसके बाद से मैं मिट्टी डालने का काम कर रहा हु, आपको बता दे की रितेश जायसवाल नगर पंचायत के एल्डरमैन है । जबकि नाली निर्माण कार्य के ठेकेदार प्रदीप सिंह हैं लेकिन मिट्टी डलवाने का कार्य को रितेश जायसवाल के द्वारा करवाया जा रहा है वही गुप्त सूत्रों से यह भी जानकारी मिली है कि स्टेडियम के सामने रितेश जायसवाल की जमीन है लेकिन नाली और रोड के बीच की जमीन पर मिट्टी डलवाया जा रहा है , क्योंकि रोड और नाली की बीच की जमीन शासकीय है जिसके चलते कहीं ना कहीं अवैध कब्जा होने की आशंका जाहिर कर रही है। क्योंकि नाली के किनारे 2 फीट मिट्टी डाली है और नाली के लगभग 10 फीट से भी अधिक जगह पर मिट्टी जाला डाला जा रहा है जिससे स्पष्ट दिखाई दे रहा है कि उस जगह पर मिट्टी डालकर अवैध कब्जा हो रहा है ।

*स्टेडियम के सामने की जमीन की हो जांच*

इससे पूर्व भी स्टेडियम के सामने कुछ लोगों के द्वारा अवैध कब्जा किया जा रहा था जिस पर नगर पंचायत और राजस्व विभाग के द्वारा कब्जा को हटवाया गया था, लेकिन अब फिर दुबारा स्टेडियम के सामने अतिक्रमण हो रहा है, अगर ऐसा हुआ तो भविष्य में स्टेडियम के सामने पार्किंग की जगह नहीं रहेगी । कही न कही स्टेडियम के सामने की जमीन की जांच होनी ताकि भविष्य के लिए स्टेडियम के सामने पार्किंग के लिए जमीन को सुरक्षित रखा जा सके ।

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