भरत भारद्वाज
कोंडागांव – छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल की सरकार आते ही सबसे पहले स्थानीय तीज-त्योहार सरकारी तौर पर मनाने की शुरुआत किया साथ ही आहार को भी छत्तीसगढ़िया गौरव से जोड़ दिया है । और श्रम दिवस पर किसानों – मजदूरों का आहार कहे जाने वाले बोरे बासी को भी स्थान देते हुए हर साल 1 मई को बोरे बासी तिहार मनाने कहा गया..इसी के तहत छत्तीसगढ़ विधानसभा उपाध्यक्ष सह विधायक केशकाल सन्तराम नेताम ने एक मई को अपने गृह ग्राम पलना में मनरेगा के तहत चल रहे कार्य में मजदूरों के साथ हाथों में फावड़ा-गैंती लेकर श्रमदान किया साथ ही सभी मजदूरों के साथ बैठकर बोरे बासी खाकर आज का यह विशेष दिन और भी यादगार बनाया । इस दौरान विधायक संतराम नेताम ने कहा कि इस पावन भूमि को हमारे किसानों और श्रमिक भाइयों ने अपने मेहनत के पसीने से उर्वर बनाया है इस देश को हमारे किसानों और मजदूर भाइयों ने ही अपने मजबूत कंधों पर संभाल रखा है एक मई को हम हर साल इन्हीं मेहनतकश लोगों के प्रति अपना आभार व्यक्त करने के लिए मजदूर दिवस मनाते हैं। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मजदूरों और किसानों के आहार बोरे बासी के महत्व को बताते हुए हर साल मजदूर दिवस पर बोरे बासी तिहार बनाया जा रहा है विधायक सन्तराम नेताम ने अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर की बोरे बासी खाने की अपील करते हुए सभी श्रमिक भाइयों व किसान भाइयों को इस दिन की बधाई शुभकामनाएं दी ।
