योगेन्द्र सिंह बैस ✍️
कांकेर /कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर में 1 मार्च की शाम गुजरात की रहने वाली एक महिला को हॉस्पिटल के पास भटकते पाया गया था । स्थानीय लोगो ने पूछताछ की पर उनकी भाषा समझ नही आ रहा था, संभवतः गुजराती भाषा बोल रही है ऐसा मानने के बाद गुजराती भाषा के जानकार संजय मेहता को बुलाकर पूछताछ की गई तब उनके बारे में जानकारी मिल पाई थी कि वह गुजरात की है जिसे स्थानीय प्रशासन ने कांकेर सखी वन स्टॉप सेंटर लाया गया था ।

पूछताछ में पाया गया की महिला गुजरात राज्य के जिला सोमनाथ, रामनगर, उना की रहने वाली महिला मोतीबाई पति बालजी (55 वर्ष) 2 महीना पहले अपने किसी परिचित के विवाह में शामिल होने घर से निकली थी। लेकिन वह वेरावल स्टेशन से भटकते हुए 1761 किमी दूर छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में पहुंच गई थी।
इसकी जानकारी छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यपालक अध्यक्ष न्यायमूर्ति गौतम भादुड़ी को हुई। उन्होंने राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण को उक्त महिला को उसके घर सुरक्षित पहुंचाने निर्देशित किया, जिस पर छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, बिलासपुर के सदस्य सचिव आनंद प्रकाश वारियाल के निर्देश पर कांकेर के सखी वन स्टॉप सेंटर में रह रही उक्त महिला से उसके घर का पता तथा प्रयास करके उसके पुत्र का मोबाइल नंबर पता किया गया तथा जिला प्राधिकरण कांकेर को उक्त महिला को समुचित देखभाल के लिए सखी सेंटर को सहयोग करने के निर्देश दिए। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा उक्त महिला के पुत्र से दूरभाष पर चर्चा की गई। उसने बताया कि वह ऑटो चलाता है, उसका पिता रोजी मजदूरी करता है, वो लोग इतनी दूर दो बार ट्रेन बदल कर और बस से यात्रा करके मोतीबाई को लेने आने में आर्थिक रूप से असमर्थ है तथा उसकी मां के गुमने के संबंध में उससे पुष्टि करके कांकेर, छत्तीसगढ़ में होना बताया गया । इसके बाद महिला को उसके घर वापसी के लिए राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा पुलिस अधीक्षक कांकेर को उसके घर पहुंचाने हेतु महिला पुलिस आरक्षक उपलब्ध कराने के लिए निर्देश दिये गए।

कांकेर के जिला न्यायाधीश योगेश पारिक से अनुरोध किये जाने पर उनके द्वारा उक्त महिला को कांकेर से सुरक्षित रायपुर पहुंचवाया गया। जहां जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रायपुर के जिला न्यायाधीश संतोष शर्मा के निर्देशानुसार उनके खाने पीने तथा रास्ते के भोजन आादि की व्यवस्था भी की गई, तथा उक्त महिला को आरक्षकों के साथ ट्रेन में रिजर्वेशन कराकर रायपुर से अहमदाबाद फिर अहमदाबाद से सोमनाथ तत्पश्चात उसके घर ग्राम उना तक सुरक्षित पहुंचाया गया। सोमनाथ पुलिस स्टेशन में उसका पति, पुत्र एवं परिवार के लोग उसे लेने के लिए पहुंचे थे। मोतीबाई के सुरक्षित पहुंचने पर उनका परिवार खुशी से झूम उठा। इस प्रकार राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कांकेर व रायपुर के संयुक्त प्रयास से उक्त महिला को उसके परिजनों से मिलवाया गया। छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, बिलासपुर के सदस्य सचिव आनंद प्रकाश वारियाल ने मोतीबाई तथा उसके पति और पुत्र से दूरभाष पर चर्चा की तथा मोतीबाई के ख्याल रखने का निर्देश दिया। पीड़िता के सकुशल घर पहुंचने की सूचना कार्यपालक अध्यक्ष न्यायमूर्ति गौतम भादुड़ी को दी गई। उन्होंने इस पर प्रसन्नता जारी करते हुए अपने परिवार से बिछड़े एवं गुमे हुए लोगों उनके परिवार तक पहुंचने का कार्य निरंतर जारी रखने का निर्देश छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण को दी। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने अब तक 50 गुमे हुए लोगों को ऑपरेशन उम्मीद के अंतर्गत घर पहुंचाया है ।
