बंजारा समाज का रथयात्रा 1अप्रैल को बस्तर संभाग करेगा प्रवेश ,चारामा ,सरोना…

रायपुर/ बंजारा सामाज के आराध्य देव संत सेवालाल महाराज की शिवरीनारायणर से निकली रथयात्रा विभिन्न गांवों में निवासरत बंजारा सामाज के टांडा तक यह रथयात्राा पहुंचेगी । सेवालाल महाराज के संदेश को समाज के अंतिम छोर में बसे लोगों तक पहुचाना  इसका उद्देश्यय बतााया जा रहा है।  गा

प्रदेश भ्रमण के लिए  निकले रथयात्रा का शुभारंभ महासभा शिवरीनारायण परिक्षेत्र से 19 मार्च को प्रारंभ किया गया हैं।यह यात्रा विभिन्न जिले से होकर 1 अप्रैल को बस्तर संभाग प्रवेश करेगा ।

रथयात्रा में प्रमुख रूप से ऑल इंडिया बंजारा समाज छत्तीसगढ़ प्रदेश के युवा प्रकोष्ठ अध्यक्ष अजय नायक,रथयात्रा प्रभारी भागवत नायक सहित अन्य लोग शामिल होकर बंजारा सामाज के आराध्य देव संत सेवालाल महाराज जी के विचारों को छत्तीसगढ़ प्रदेश के हर टांडा ( समाज के लोग जहां निवास करते है )तक पहुचाना रथयात्रा का उद्देश्य बताया गया है।

रथयात्रा का जिक्र करते हुये आईबीएस अध्यक्ष अजय नायक ने बताया कि 19 मार्च शिवरीनारायण परिक्षेत्र से रथयात्रा प्रारंभ किया गया है.जिसमें 20 मार्च को बलौदाबाजार परिक्षेत्र,21 को पाली,पेंड्रा परिक्षेत्र,22 को तारा परिक्षेत्र,23 को किलकिला जशपुर परिक्षेत्र,24 को हसौद परिक्षेत्र,25 को फुलझर परिक्षेत्र,26 को कौड़िया परिक्षेत्र,27 को खोलहा,उड़ीसा परिक्षेत्र होते आज यह यात्रा 28 मार्च को बोड़ासामहर उड़ीसा परिक्षेत्र,29 को देवभोग,बेलर,जामगांव परिक्षेत्र, 1 अप्रैल को चारामा,सरोना परिक्षेत्र,2 अप्रैल को जिला कोंडागांव परिक्षेत्र,3 अप्रैल को बस्तर जिला परिक्षेत्र,4 अप्रेल जिला कोंडागांव,5 अप्रैल को बीजापुर परिक्षेत्र,6 अप्रैल को सुकमा जिला परिक्षेत्र, होते हुए 7 अप्रैल रायपुर ,8 अप्रैल को विश्व बंजारा दिवस के शुभ अवसर पर राजधानी में भव्य सामाजिक सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ समापन किया जायेगा।

रथयात्रा के प्रभारी भागवत नायक ने बताया कि बंजारा सामाज के आराध्य देव संत सेवालाल महाराज के विचारों को जन जन तक पहुचाने व एकजुट करने के साथ ही सांस्कृतिक धरोहर को संजोए रखने का उद्देश्य है।उन्होंने बताया कि शौभाग्य की बात है कि समाज के लोग इस रथयात्रा में बड़ी संख्या में शामिल होकर बढ़ चढ़कर महिला पुरूष हिस्सा के रहें है।

सहप्रभारी व आईबीएस के अध्यक्ष अजय नायक ने बताया कि छत्तीसगढ़ में रथयात्रा का यह पहला चरण है.जिसे प्रदेश स्तर पर किया जा रहा हैं. उनका कहना है कि सामाजिक संस्कृति एवं भाषा को बचाये रखने के छत्तीसगढ़ राज्य के बंजारा,नायक समाज को मजबूती से संगठित एवं जागरूक करना है.श्री नायक ने कहा कि युवाओं को सही मार्ग की ओर ले जाकर उनकी प्रतिभा से अवगत कराने व मातृशक्ति को समाज में बराबरी का हिस्सा व दायित्व दिलाने के साथ ही सुदृढ़ व शिक्षित समाज निर्माण करने का प्रयास किया जा रहा है।

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