कला एवं साहित्य को समर्पित अखिल भारतीय संस्था संस्कार भारती जिला इकाई कांकेर के समस्त कार्यकर्ताओं द्वारा 26 जनवरी को *भारत माता पूजन* कार्यक्रम आयोजित किया गया

यजुवेन्द्र सिंह ठाकुर

कांकेर कला एवं साहित्य को समर्पित अखिल भारतीय संस्था संस्कार भारती जिला इकाई कांकेर के समस्त कार्यकर्ताओं द्वारा 26 जनवरी को *भारत माता पूजन* कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉक्टर गीता शर्मा संस्कार भारती जिलाध्यक्ष ने करते हुए समस्त देशवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं संप्रेषित कर देश सेवा में सबकी भागीदारी सुनिश्चित हो कि कामना की। विशिष्ट अतिथि श्री शिव सिंह भदोरिया, श्री सुरेश चंद्र श्रीवास्तव, श्री राजेश शुक्ला आदि वरिष्ठ साहित्यकारों की पावन उपस्थिति में कार्यक्रम संपन्न हुआ । माँ भारती के चरणों में काव्यांजलि, पुष्पांजलि, गीतांजलि प्रस्तुत की गई। कार्यक्रम में सर्वप्रथम वरिष्ठ साहित्यकार श्री राजेश शुक्ला ने युवाओं के लिए प्रेरणा गीत प्रस्तुत किये । युवाओं की शक्ति, विश्व के इतिहास को बदलने में समर्थ होती हैं, जिसकी परिकल्पना उनकी कविताओं के माध्यम से देखने को मिली। तत्पश्चात श्री शिवसिंह भदोरिया ने अपने व्यंग्यात्मक शैली में बहुत दिनों बाद पुरानी कवायदों की श्रृंखला को उद्धरित करती कविता के माध्यम से राष्ट्र प्रेम को पुनर्स्थापित करने का साक्षात्कार कराने का प्रयास किये। अगले क्रम में श्रीमती रीना लारिया ने देशभक्ति गीत, दिल दिया है जान भी देंगे ए वतन तेरे लिए गीत गाकर सबका मन मोह लिया। इसी श्रृंखला में श्री सुरेश चंद्र श्रीवास्तव ने राजनीति पर अपनी तंज कसते हुए वर्तमान परिदृश्य में अपनी सक्रियता और निष्क्रियता पर एक यक्ष प्रश्न उठाने का भरपूर प्रयास किये । कब तक मौन रहेंगे अब तो गांडीव उठाना होगा, सौ गलियां पूर्ण हुए, अब गिरधर चक्र उठाना होगा। बहुत ही ओजस्वी काव्य पाठ सुरेश चंद्र श्रीवास्तव के माध्यम से श्रवण करने का सुअवसर प्राप्त हुआ। साथ ही साथ अवधेश लारिया द्वारा भारत के स्वर्णिम इतिहास को पुनर्जागृत करने वाली गीत- है प्रीत जहां की रीत सदा, मैं गीत वहां के गाता हूँ। भारत का रहने वाला हूं भारत की बात सुनाता हूँ। शानदार मधुर गीत की प्रस्तुति से वातावरण आनंदित हो उठा। कार्यक्रम में उपस्थित श्री कुशलानंद गजबल्ला ने अपनी अभिव्यक्ति मां भारती के चरणों में अर्पित किए । अध्यक्षीय उद्बोधन एवं आशीर्वचन में डॉ. गीता शर्मा ने अपनी ओजस्वी कविता माँ भारती के चरणों में अर्पित किए। विजयपथ के लिए जग में कोई तो एक स्यंदन हो, रहे बनाकर उदाहरण जग में महकता ऐसा चंदन हो, गिराता है उठाता है हमारा कर्म ही हमको, सुधा होगी क्षुधा से शांत मगर जनहित में मंथन हो । सर्वे भवन्तु सुखिनः की कामना संस्कार भारती परिवार की ओर से सबके मंगलमय जीवन की कामना करते हुए कार्यक्रम हर्षोल्लास के साथ मनाया गया, जिसमें प्रकाश मोटवानी, विनय मोटवानी, दिनेश शिंदे विजय साहू, डोमार साहू, फूफू, रफ़ीक एवं समस्त ऑटो चालक व बहुत अधिक संख्या में जन समुदाय सम्मिलित हुए। कार्यक्रम का संचालन रिजेन्द्र गंजीर ने और अंत मे आयोजित कार्यक्रम के समापन का आभार संस्कार भारती कांकेर के महामंत्री अवधेश लारिया ने किया।

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