यजुवेन्द्र सिंह ठाकुर

कांकेर।प्रयागराज में आयोजित माघ मेला के दौरान सनातन हिन्दू धर्म के सर्वोच्च धर्मगुरु ज्योतिषपीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी एवं वेदपाठी बटुकों के साथ पुलिस एवं मेला प्रशासन द्वारा किए गए दुर्व्यवहार,मारपीट एवं स्नान से वंचित किए जाने की घटना से संपूर्ण ब्राह्मण समाज आहत,व्यथित एवं आक्रोशित है। भारत एक सनातन परंपरा वाला राष्ट्र है, जहाँ शंकराचार्य केवल एक व्यक्ति नहीं बल्कि सम्पूर्ण सनातन चेतना के स्तंभ हैं। ऐसे धर्मगुरु और ब्रह्मचारी बटुकों के साथ किया गया व्यवहार न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है,बल्कि यह हिन्दू धर्म, सनातन संस्कृति और भारतीय आस्था पर सीधा प्रहार है। जिला कांकेर सर्व ब्राह्मण समाज इस घोर निंदनीय घटना की कड़ी भर्त्सना करता है तथा यह मांग करता है कि- केंद्र सरकार एवं उत्तर प्रदेश सरकार इस घटना पर सार्वजनिक रूप से क्षमा याचना करें। शंकराचार्य जी एवं वेदपाठी बटुकों के साथ दुर्व्यवहार एवं मारपीट करने वाले पुलिस अधिकारियों/कर्मचारियों एवं मेला प्रशासन के दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्यवाही की जाए।
भविष्य में किसी भी सनातनी साधु-संत,धर्मगुरु अथवा ब्रह्मचारियों के साथ इस प्रकार की अमर्यादित एवं अपमानजनक घटना न हो, इसके लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किये जाएँ।
साथ ही,सर्व ब्राह्मण समाज यह भी स्पष्ट करता है कि केंद्र सरकार द्वारा लागू किया गया तथाकथित यूजीसी काला कानून सवर्ण समाज के विद्यार्थियों के भविष्य के साथ अन्याय है। यह कानून शिक्षा के अधिकार को बाधित करता है और समाज की युवा पीढ़ी को शिक्षा से दूर कर दंडात्मक व्यवस्था की ओर धकेलकर जातिगत भेदभाव को बढ़ावा देता है। सर्व ब्राह्मण समाज इस कानून का पुरजोर विरोध करता है और इसे तत्काल निरस्त करने की मांग करता है। उक्त सभी मांगों को लेकर जिला कांकेर सर्व ब्राह्मण समाज द्वारा एक ज्ञापन जिला कलेक्टर कांकेर के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री एवं छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री को प्रेषित किया गया है। जिला सर्व ब्राह्मण समाज कांकेर के संरक्षक डॉ दिनेश मिश्रा,अध्यक्ष दीपक मुखर्जी,सचिव राकेश शर्मा,उपाध्यक्ष बलराम भट्ट,कोषाध्यक डॉ.दुर्गेश अवस्थी,सीताराम शर्मा, अनुराग उपाध्याय,शांतनु भट्टाचार्य,जयप्रकाश तिवारी,युवा प्रकोष्ठ अध्यक्ष देवेश मिश्रा,रुपेश दुबे,मोहन(सोनू) मिश्रा,युवा प्रकोष्ठ सचिव मयंक हड़प, अजय इस्सर ने कहा है यदि शासन-प्रशासन द्वारा शीघ्र उचित कार्यवाही नहीं की गई, तो सर्व ब्राह्मण समाज लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक दायरे में रहते हुए व्यापक आंदोलन के लिए बाध्य होगा, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी तथा आगामी चुनाव में भाजपा को भी ब्राह्मण विरोधी निर्णय और साधु-संतों,ब्राह्मण वेदपाठी बटुकों के साथ अन्यायपूर्ण व्यवहार और मार-पीट का खामियाजा भुगतना पड़ सकता है।
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