चंद्रहास वैष्णव 
जगदलपुर। बस्तर संभाग में सुरक्षा, शांति और विश्वास बहाली की दिशा में साल 2025 एक ऐतिहासिक वर्ष साबित हुआ है। आज आयोजित वार्षिक प्रेस वार्ता में बस्तर आईजी सुंदरराज पी. ने संभाग के सातों जिलों के पुलिस अधीक्षकों (SPs) की उपस्थिति में साल भर की उपलब्धियों का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया। आईजी ने बताया कि पुलिस ने न केवल मोर्चे पर नक्सलियों को पीछे धकेला है, बल्कि ‘विश्वास-विकास-सुरक्षा’ के त्रिकोण पर काम करते हुए जनता का दिल भी जीता है।
1. नक्सल विरोधी अभियान: शीर्ष नेतृत्व का सफाया
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वर्ष 2025 सुरक्षा बलों के लिए बड़ी रणनीतिक बढ़त का साल रहा। सुरक्षा बलों ने नक्सली संगठन के “हृदय स्थल” तक पहुँच बनाकर शीर्ष कैडरों को ढेर किया है।
बड़ी सफलताएं: मुठभेड़ों में भाकपा (माओवादी) के जनरल सेक्रेटरी/PBM बसवा राजू, CCM जयराम उर्फ रेड्डी, और कोसा उर्फ सत्यनारायण रेड्डी जैसे दुर्दांत नक्सली मारे गए।
हथियारों की बरामदगी: कुल 677 अत्याधुनिक हथियार बरामद किए गए, जिनमें 42 एके-47, 39 एसएलआर और 47 इंसास राइफलें शामिल हैं।
2. ‘पूना नारगेम’ अभियान: मुख्यधारा में लौटते कदम
बस्तर पुलिस की पुनर्वास नीति ‘पूना नारगेम’ (नई सुबह) के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं:
अब तक कुल 1573 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है।
ऐतिहासिक दिन: 17 अक्टूबर 2025 को एक साथ 210 माओवादियों ने रिकॉर्ड आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा में जुड़ने का फैसला लिया।
आत्मसमर्पित कैडरों को वित्तीय सहायता और व्यावसायिक प्रशिक्षण देकर उनके पुनर्वास को सुनिश्चित किया जा रहा है।
3. सुरक्षा कैंप और अधोसंरचना विकास
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आईजी ने जानकारी दी कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासनिक पहुँच बढ़ाने के लिए 58 नए सुरक्षा कैंप स्थापित किए गए हैं:
बीजापुर: 22 कैंप | नारायणपुर: 24 कैंप | सुकमा: 12 कैंप।
इन कैंपों के माध्यम से ‘इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट’ के तहत शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, बैंक और सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) की सुविधाएं अंदरूनी गांवों तक पहुंचाई जा रही हैं।
4. अपराध नियंत्रण और नशीले पदार्थों पर लगाम
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बस्तर पुलिस ने सामान्य अपराधों और नशे के कारोबार पर भी कड़ी कार्रवाई की है:
NDPS एक्ट: साल 2025 में 143 प्रकरण दर्ज कर 222 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। लगभग 15.64 करोड़ रुपये मूल्य के मादक पदार्थ (गांजा, चरस आदि) जब्त किए गए।
क्राइम ग्राफ: तुलनात्मक आंकड़ों के अनुसार, हत्या (156) और बलात्कार (294) जैसे गंभीर अपराधों में पिछले वर्षों के मुकाबले गिरावट दर्ज की गई है।
5. बस्तर ओलंपिक और सांस्कृतिक जुड़ाव
पुलिस और जनता के बीच की दूरी कम करने के लिए खेल और संस्कृति का सहारा लिया गया:
बस्तर ओलंपिक: इसमें रिकॉर्ड 3,91,000 लोगों ने पंजीकरण कराया, जो बस्तर के युवाओं के बदलते नजरिए को दर्शाता है।
बस्तर पंडुम: बस्तर की समृद्ध जनजातीय विरासत, लोकनृत्य और हस्तशिल्प को ‘बस्तर पंडुम’ के माध्यम से एक वैश्विक मंच प्रदान किया गया।
6. पुलिस बल का सुदृढ़ीकरण
दिसंबर 2025 में बस्तर रेंज के सात जिलों में 1592 नए आरक्षकों का चयन किया गया है। इसमें महिला अभ्यर्थियों की बड़ी संख्या सामाजिक समावेश और महिला सशक्तिकरण का प्रतीक है। इससे पुलिस की परिचालन क्षमता और तकनीकी दक्षता में भारी वृद्धि होगी।
निष्कर्ष: आईजी सुंदरराज पी. ने स्पष्ट किया कि “जनसेवा और सुरक्षा” ही बस्तर पुलिस का मूल मंत्र है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में अंतराज्यीय समन्वय (तेलंगाना, ओडिशा, महाराष्ट्र) को और मजबूत कर माओवादियों की सप्लाई लाइन को पूरी तरह ध्वस्त किया जाएगा।
