एक वर्ष से क्षतिग्रस्त पुलिया बनी खतरे का कारण, मक्का लदा ट्रैक्टर पलटा – जान बची, पर माल गया

भरत भारद्वाज

फरसगांव – कोंडागांव जिले के फरसगांव विकासखंड अंतर्गत ग्राम झाकरी की एक क्षतिग्रस्त पुलिया पिछले एक वर्ष से मरम्मत की बाट जोह रही है। बीते वर्ष की बारिश में यह पुलिया क्षतिग्रस्त हो गई थी, जिसकी खबरें सोशल मीडिया और मिडिया में भी वायरल हुई थीं। इसके बावजूद आज तक स्थायी मरम्मत कार्य नहीं कराया गया।

स्थानीय लोगों का कहना है कि जब ग्राम पंचायत भोंगापाल में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का कार्यक्रम आयोजित हुआ था, तब अधिकारियों ने तात्कालिक समाधान के तौर पर पाइप डालकर ऊपर मुरुम भरवाया था, जिससे केवल कार्यक्रम के दिन ही आवाजाही हो सके। लेकिन उसके बाद मरम्मत कार्य ठंडे बस्ते में चला गया।

बीते दिन उसी क्षतिग्रस्त पुल से होकर एक किसान मक्का लदा ट्रैक्टर लेकर जा रहा था, तभी अस्थायी मुरुम की सतह धंस गई और ट्रैक्टर पलट गया। किसी तरह से चालक की जान बच पाई, परंतु ट्रैक्टर में भरी मक्का की पूरी फसल नष्ट हो गई।

ग्राम झाकरी और माहकापारा के लोगों के लिए यह पुल एकमात्र संपर्क मार्ग है। बच्चों को स्कूल जाना हो, या ग्रामीणों को राशन दुकान – सब इसी पुल से होकर गुजरते हैं। अब जबकि मानसून ने दस्तक दे दी है, तो हालात और भी गंभीर हो सकते हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि वे अब थक चुके हैं अधिकारियों से गुहार लगाते-लगाते। उन्हें डर है कि यदि जल्द स्थायी मरम्मत नहीं कराई गई, तो कोई बड़ी जनहानि हो सकती है।

जनता को उम्मीद है कि प्रशासन अब जागेगा और जल्द से जल्द इस पुल की मरम्मत कराएगा।

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