बस्तर में स्वास्थ्य सेवाओं की दुर्दशा: लूट और लापरवाही का आरोप बंसल नर्सिंग होम में मरीजों से मनमानी वसूली

चंद्रहास वैष्णव

बस्तर में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। सुपर स्पेशलिटी अस्पताल होने के बावजूद डॉक्टरों की कमी और निजी क्लीनिकों में मनमानी वसूली की खबरें लगातार सामने आ रही हैं। हाल ही में जगदलपुर के बंसल नर्सिंग होम में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। आँखों के डॉक्टर मनीष बंसल पर बीजापुर से आए एक दंपति से ₹15000 की लूट का आरोप लगा है।

दंपति ने बताया कि आँखों में धुंधलापन की शिकायत के बाद वे बंसल नर्सिंग होम गए। डॉक्टर ने एक साधारण जाँच के बाद उन्हें चश्मा बनवाने के लिए भेज दिया, जिसकी कीमत ₹3000 थी। इसके अलावा, कुछ साधारण दवाइयों के नाम पर ₹2200 लिए गए। जब दंपति ने फीस के बारे में पूछा तो डॉक्टर ने ₹15000 की मांग की। आपत्ति जताने पर उन्होंने ₹14000 ले लिए।

शहर के एक प्रतिष्ठित डॉक्टर से बातचीत में पता चला कि मरीज की आँख की केवल एक फोटो ली गई थी। उन्होंने बताया कि सबसे बेहतरीन जाँच “ऑप्टिकल कोहरेंस टोमोग्राफी” टेस्ट है, जिसकी अधिकतम फीस ₹3000 होती है। इस प्रकार, डॉक्टर मनीष बंसल ने दंपति से ₹11000 ज़्यादा वसूले।

लापरवाही और मौत का सिलसिला

यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी बंसल नर्सिंग होम में स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. एस बंसल द्वारा लापरवाही के कारण एक महिला मरीज की मौत हो चुकी है।

प्रशासन की उदासीनता

निजी अस्पतालों द्वारा लगातार हो रही लापरवाही और मनमानी वसूली के बावजूद प्रशासन मौन साधें हुए है। इससे साफ ज़ाहिर होता है कि इन अस्पतालों की मनमानी प्रशासन के संरक्षण के बिना संभव नहीं है। यह स्थिति बस्तर में स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति गंभीर चिंता का विषय है और तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है।

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