*शिक्षक साझा मंच *युक्तियुक्तकरण के विरोध में कलेक्टर को ज्ञापन 10 जून को सौपेंगे* प्रत्येक प्राथमिक व मिडिल में एक-एक शिक्षक कम कर अपना पीठ थपथपाना बेमानी—-साझा मंच*

यजुवेन्द्र सिंह ठाकुर

आज कांकेर मिनी स्टेडियम में शिक्षक साझा मंच की बैठक संपन्न हुई जिसमें अतिशेष शिक्षकों की सूची में हुए अनेक त्रुटि पर चर्चा की गई एवं इसकी शिकायत कलेक्टर कांकेर को मुख्यमंत्री शिक्षा सचिव के नाम ज्ञापन सौंप प्रमाण सहित शिकायत करते हुए बताया जायेगा कि अधिकारी किस तरह अपने लोगो को बचाने कनिष्ठ को वरिष्ठ व वरिष्ठ को कनिष्ठ बनाया गया है, वरिष्ठता सूची में त्रुटि करते हुए दूसरे को लाभ पहुंचाया गया है व विषय ही बदल दिया गया है, शिक्षको की गणना 31 मार्च के बजाय निर्देशों के विपरीत जाकर 30 अप्रेल की स्थिति में कर दी गई है, विषयो को चक्रिय क्रम के बजाय अनुक्रम में कर दी गई, काउंसलिंग में वरिष्ठ शिक्षक एलबी संवर्ग को छोड़कर कनिष्ठ नियमित शिक्षकों को पहले नियम विरुद्ध ढंग से बुलाया गया है
साझा मंच ने कहा है कि कांकेर जिले से 260 शिक्षक व 49 व्याख्याता दूसरे जिले भेजे जा रहे हैं जबकि बस्तर संभाग में पद नहीं है इसलिए कांकेर जिले के शिक्षकों को जिले के अंदर ही पदस्थ रखा जाये व प्रदेशभर के शिक्षक संगठनों द्वारा एकजुटता का प्रदर्शन करते हुए एकसाथ आकर बनाये गए शिक्षक साझा मंच के प्रांतीय आव्हान पर चार सूत्रीय मांगों को लेकर 10जून को जिलास्तरीय रैली निकाल कर ज्ञापन सोंपेगे साझा मंच कांकेर के प्रदेश सह संचालक वाजिद खान हेमेंद्र साहसी जिला संचालक स्वदेश शुक्ला, ने कहा कि कि युक्तियुक्तकरण के नाम पर जिले के प्रत्येक प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक शालाओं में शिक्षकों का एक-एक पद कम कर शासन प्रशासन अपना पीठ थपथपाने का काम भले ही कर ले, लेकिन शासकीय स्कूलों में पढ़ने वाले गरीब परिवार के बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का दुष्परिणाम आने वाले समय में भुगतना पड़ेगा। वर्तमान में शिक्षकगण स्कूल शिक्षा विभाग के सेटअप 2008 के अनुसार ही स्वीकृत पदों पर पदस्थ थे, वास्तव में जिले के गिने-चुने 10-15 विद्यालयों में ही शिक्षक अतिशेष थे, लेकिन प्रत्येक शाला में एक-एक पद कम कर नियमानुसार पदस्थ शिक्षकों को ही अतिशेष घोषित कर दूरस्थ शाला में भेज दिया गया। यदि शासन प्रशासन को गरीब बच्चों के शिक्षा की चिंता था तो विसंगतिपूर्ण युक्तियुक्तकरण के बजाय रिक्त पदों पर शिक्षकों सीधी भर्ती कर शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ करना था।*

जिला संचालकों ने बताया कि आगामी 10 जून को जिले के समस्त शिक्षक जिला मुख्यालय में रैली निकालकर कलेक्टर को युक्तियुक्तकरण निरस्त करने हेतु ज्ञापन सौपेंगे।*

जिला शिक्षा प्रशासन बताए कि छः कक्षा को दो शिक्षक कैसे पढाएंगे?—*
*शासकीय प्राथमिक शालाओं में कक्षा एक से लेकर पांच तक कुल पांच कक्षाएँ संचालित होते हैं, साथ ही जिले के एक तिहाई प्राथमिक शालाओं के साथ बालवाड़ी भी जुड़ा हुआ है, जहां प्राथमिक शाला के एक शिक्षक को पढ़ाना पड़ता है। इस प्रकार प्राथमिक शाला के शिक्षकों को बालवाड़ी को मिलाकर कुल छः कक्षाओं को पढ़ाना पड़ता है। इस संबंध में शिक्षक साझा मंच के संचालक स्वदेश शुक्ला व हेमेंद्र साहसी ने बिना कोई लाग-लपेट के शासन प्रशासन से सीधा सवाल किया है कि अब अधिकारीगण बताएं कि छः कक्षाओं को दो शिक्षक कैसे पढाएंगे? प्राथमिक शालाओं के पांच कक्षाओं के लिए केवल दो शिक्षकों को पर्याप्त बताने वाले कोई दो अधिकारी किसी स्कूल को एक दिन पढ़ाकर ट्रायल दिखाएं।*

युक्तियुक्तकरण में भारी गड़बड़ी, 10 जून को खोलेंगे पोल—*
*जिला संचालक ने बताया कि जिले में किए गए युक्तियुक्तकरण में भारी गड़बड़ी किया गया है, जिसका खुलासा आगामी 10 जून को जिला मुख्यालय में आयोजित रैली व ज्ञापन सौंपने के दौरान किया जाएगा।*

युक्तियुक्तकरण को रद्द कर शासन प्रशासन अपनी गलती सुधारे—*
*कहा जाता है कि यदि किसी से गलती हो जाये तो उसे स्वीकार कर लेने से वह क्षमा योग्य होता है। अभी भी वक्त है कि शासन प्रशासन अपनी गलती को स्वीकार करते हुए युक्तियुक्तकरण को निरस्त करे और शिक्षा व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण हेतु सेटअप 2008 के अनुसार स्कूलों में शिक्षक की व्यवस्था करे अन्यथा शासकीय स्कूलों में पढ़ने वाले गरीब बच्चों के पालकगण सबक सिखाने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ेंगे। आज की बैठक में राजेश शर्मा जिला संचालक नंद कुमार अटभईया,नितेश उपाध्याय,उत्तम सिन्हा,राजेंद्र खुदश्याम, मुकेश जैन प्रेमप्रकाश साहू,गिरीश सिंह,रोमन जैन, कमलेश साहू, शुभम साहू, सहित अनेक शिक्षक उपस्थित थे
स्वदेश शुक्ला
*(जिलाध्यक्ष, छ्ग टीचर्स एसोसिएशन)*
*जिला संचालक*
*शिक्षक साझा मंच*

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