चंद्रहास वैष्णव

नगरनार, 5 जून, 2025: एनएसएल स्टील प्लांट, नगरनार और एनएमडीसी टाउनशिप धनपुंजी में 30 मई से 5 जून तक मनाए गए पर्यावरण सप्ताह की धूम रही। कर्मचारियों और उनके परिवार के सदस्यों ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश फैलाने के लिए आयोजित कई गतिविधियो और प्रतियोगिताओं में भाग लिया।
उद्घाटन के दिन एनएसएल स्टील प्लांट, नगरनार के कार्यकारी निदेशक और प्रमुख श्री एम एन वी एस प्रभाकर द्वारा पर्यावरण की सुरक्षा और संरक्षण की शपथ दिलाने के बाद, उत्साही पर्यावरण मित्रों ने सप्ताह भर मे फैले विभिन्न कार्यक्रमो मे बड़ी संख्या मे भाग लिया। इनमें पर्यावरण रैली, नेचर वॉक, पर्यावरण प्रदर्शनी एवं प्रस्तुति, ड्राइंग प्रतियोगिता, पर्यावरण और इको फ्रेंडली कला और डिजाइन प्रतियोगिता, वृक्षारोपण अभियान, पर्यावरण क्विज, स्किट और नारा लेखन और पोस्टर बनाने की प्रतियोगिता शामिल थी। सभी गतिविधियाँ ‘विश्व स्तर पर प्लास्टिक प्रदूषण को समाप्त करना’ की थीम पर केंद्रित थीं।

आज समापन दिवस पर प्रतिभागियों को विभिन्न श्रेणियों में विभिन्न मापदंडो पर चुना गया और पुरस्कार और प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।
स्टील मेल्टिंग शॉप बना प्रतिष्ठित वार्षिक पर्यावरण रोलिंग ट्रॉफी का विजेता

हर साल विश्व पर्यावरण सप्ताह संग आयोजित पर्यावरण सप्ताह एनएसएल की प्रत्येक इकाई के लिए कुछ बुनियादी पर्यावरणीय मुद्दों पर दूसरे यूनिट्स के साथ प्रतिस्पर्धा करने का अवसर भी होता है. विजेता टीम को एक वर्ष के लिए रोलिंग ट्रॉफी मिलती है। इस साल एनएसएल की स्टील मेल्टिंग शॉप (एसएमएस) स्पष्ट विजेता बनकर उभरी। सभी इकाइयों से एक यूनिट को चुनना जजो के लिए एक कठिन विकल्प था क्योंकि प्रत्येक इकाई का प्रदर्शन किसी न किसी पहल के लिए अलग था और उनका समग्र प्रदर्शन भी एक दूसरे के बराबर था। फिर भी, एसएमएस ने बाज़ी मारी ।
इस ट्रॉफी को प्राप्त करने का मूल्यांकन 3 दिन का कठिन अभ्यास है जिसमें विशेषज्ञों की एक टीम संयंत्र की प्रत्येक इकाई का दौरा करती है और स्थापित मापदंडो पर पर्यावरणीय मुद्दों के संबंध में विशेष इकाई के प्रदर्शन का मूल्यांकन करती है। इकाइयां एक प्रस्तुति देती है और जजो के सवालों की बौछार का सामना करती हैं। उन्हें प्रदूषण नियंत्रण, पर्यावरण अनुकूल अपशिष्ट पुनर्चक्रण और अपशिष्ट प्रबंधन, पानी का सुचर उपयोग तथा निकास, डस्ट कण्ट्रोल, बिजली की खपत और हाउस – कीपिंग के प्रति उनका सक्रिय दृष्टिकोण, वृक्षरोपण इत्यादि मापदंडो पर परखा जाता है.
