जनगणना दुनिया की सबसे बड़ी प्रशासनिक कवायद की तारीख घोषित जाति के साथ जनगणना, 1 मार्च 27 शुरू, 1 साल में अंतरिम आंकड़े

चंद्रहास वैष्णव

ओ बी सी महासभा बस्तर संभाग के संभागीय अध्यक्ष दिनेश यदु ने बताया कि केंद्र सरकार ने देश में 16 साल बाद हो रही बहुप्रतीक्षित जनगणना की तारीख घोषित कर दी है। यह 1 मार्च 2027 में शुरू होगी। यह दस साल के लिए वैध होगी। गृह मंत्रालय ने बुधवार को बताया कि जाति की गणना के साथ जनगणना-2027 दो चरणों में कराई जाएगी। पहला चरण मार्च 2027 से शुरू होगा। बर्फीले इलाकों जैसे केंद्र शासित क्षेत्र लद्दाख, जम्मू-कश्मीर के साथ हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड मे यह अक्टूबर 2026 में शुरू होगी।

विधिवत अधिसूचना 16 जून 2025 को जारी की जाएगी। अनुमान है कि 1 अप्रैल 2027 से 45 दिन तक हाउस लिस्टिंग की जाएगी। बता दें कि जातीय जनगणना के लिए जनगणना अधिनियम 1948 मे ं संशोधन की जरूरत होगी। इन विधायी जरूरतों को पूरा करने के लिए संसद के आगामी सत्र में विधेयक लाया जा सकता है। जून 2026 में प्रशासकीय सीमाओं को सील करने की अधिसूचना भी जारी की जाएगी और इसके तीन महीने बाद यानी अक्टूबर 2026 मे जनगणना शुरू हो जाएगी, जो विश्व की सबसे बड़ी प्रशासनिक कवायद होगी।

इस कवायद में कितना समय लगेगा?
करीब तीन साल 2027 की जनगणना के अंतिम आंकड़े 2030 के करीब प्रकाशित किए जाएंगे। यानी लोकसभा चुनाव 2029 के बाद।

घर-घर गिनती कब होगी?
घर-घर जाकर गिनती का काम 9 फरवरी से 28 फरवरी 2028 तक 21 दिन चलेगा। 1 मार्च से 5 मार्च तक रिवीजन राउंड होगा। एक दिन उस आबादी को समर्पित होगा, जो बेघर हैं। यह काम 28 फरवरी 2028 को पूरा होने की संभावना है।

दायरे में कितने जिले तहसील हैं?
जनगणना के दायरे में 700 से अधिक जिलों के 8 हजार शहरों और 600 तहसीलों मे यह प्रशासनिक कवायद होगी।

अंतरिम आंकड़े कब तक मिलेंगे?
जनगणना के प्रोविजनल (अंतरिम) आंकड़े मार्च 2028 में मिल सकते हैं। इसके बाद लोकसभा सीटो के परिसीमन शुरू किया जा
सकेगा। इसके आधार पर महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित करने की विधायी जरूरत को पूरा करने का रास्ता साफ होगा।

हाउस लिस्टिंग के सवाल कैसे होंगे?
–घर पक्का या कच्चा है? दीवार का मैटेरियल क्या है? छत और फर्श किससे बना है?
–घर में कितने कमरे हैं? कितने विवाहित जोड़े हैं? पानी का स्रोत क्या है? घर में शौचालय है? मल निकासी का इंतजाम क्या है? रसोई है या नहीं? खाना पकाने का साधन क्या है?
– घर में रेडियो, टीवी, वाईफाई, इंटरनेट, मोबाइल फोन, साइकिल, स्कूटर, कार है?

जनगणना संबंधी सवाल क्या होंगे?
घर के मालिक से क्या संबंध है? कितने पढ़े- लिखे हो ? व्यवसाय क्या है? क्या काम करते हो? जन्म कहां हुआ? मात भाषा क्या है? कहां से आकर बसे हो? क्यों माइग्रेट होना पड़ा? कितने बच्चे हैं? कितने बच्चे पैदा हुए ? कितने जीवित रहे? कोई विकलांगता है क्या?

मानसून सत्र 21 जुलाई से, कांग्रेस का आरोप- पहली बार 47 दिन पहले घोषणा संसद का मानसून सत्र 21 जुलाई से शुरू होगा और 12 अगस्त तक चलेगा। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को कहा, 23 दिन के सत्र में कई अहम बिलों और मुद्दों पर चर्चा होगी। वहीं, कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने आराप लगाया कि संसदीय इतिहास मे पहली बार 47 दिन पहले सन्त्र की घोषणा की जा रही है। इसके पीछे कारण यह है कि सरकार विशेष सत्र की मांग से भागना चाहती है।

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