भारत ने विकसित की विश्व की पहली जीनोम-संपादित चावल की किस्में

यजुवेन्द्र सिंह ठाकुर

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) ने विश्व की पहली जीनोम-संपादित चावल की किस्में विकसित की हैं। दो नई चावल की किस्में – ‘डीआरआर धान 100 (कमला)’ और ‘पूसा डीएसटी राइस 1’ – आईसीएआर संस्थानों द्वारा विकसित की गई हैं। एक जीनोम-संपादित किस्म (कमला) जल्दी पकने वाली और उच्च उपज देने वाली है, जबकि दूसरी (पूसा डीएसटी राइस 1) लवणता, क्षारीयता और सूखा सहनशील है।
केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को नई दिल्ली में आईसीएआर के एनएएससी कॉम्प्लेक्स में दोनों किस्मों को लॉन्च किया। उन्होंने कहा कि यह दिन भारत की कृषि प्रगति के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज होगा। ये जीनोम-संपादित किस्में किसानों की आय बढ़ाने, लागत कम करने, पानी बचाने और ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को कम करने में मदद करेंगी। वैज्ञानिकों को बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि ये विकास भारत में दूसरी हरित क्रांति का मार्ग प्रशस्त करते हैं।
डॉ. एम.एल. जाट, आईसीएआर के महानिदेशक और कृषि अनुसंधान और शिक्षा विभाग के सचिव, ने बताया कि दोनों जीनोम-संपादित किस्मों ने अखिल भारतीय समन्वित परी

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