*अंतर्राष्ट्रीय जल दिवस के अवसर पर शहर की समाजसेवी संस्था “जन सहयोग ” ने एक संदेश जारी कर लोगों को पानी बचाने की प्रेरणा दी*

यजुवेन्द्र सिंह ठाकुर

काँकेर । आज 22 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय जल दिवस के अवसर पर शहर की समाजसेवी संस्था “जन सहयोग ” ने एक संदेश जारी कर लोगों को पानी बचाने की प्रेरणा दी है । जन सहयोग के अध्यक्ष अजय पप्पू मोटवानी ने अपने संदेश में कहा है कि आज पानी बचाने की जितनी अधिक ज़रूरत है, उतनी इससे पहले कभी नहीं थी। जलवायु परिवर्तन के कारण पेयजल घटता जा रहा है और पेयजल का स्तर भी गिरता जा रहा है जबकि उसकी क़ीमत बढ़ती जा रही है । आज से बीस साल पहले किसी ने सोचा भी नहीं था कि बोतल- बंद पानी खरीदना पड़ेगा। हमारी संस्था जन सहयोग पिछले 20 वर्षों से पानी की उपलब्धता बढ़ाने के लिए तरह-तरह के कार्यक्रम कर रही है, जैसे “दूध नदी बचाओ अभियान” तालाबों की सफ़ाई ,पाइपों से व्यर्थ बहते पानी के बचाव हेतु अभियान, आदि हम लोग निरंतर करते रहे हैं ।अब मैं आपको यह सुझाव देने जा रहा हूं कि आपका मकान नया हो अथवा पुराना, उसमें थोड़ा सा खर्च कर वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बनवा लीजिए। इससे आपका सबसे बड़ा लाभ या होगा कि वर्षा का जल आपकी भूमि में सुरक्षित हो जाएगा और आपके घर के बोरिंग में जल स्तर कभी कम नहीं होगा जो कि आज की बहुत बड़ी शिकायत है। किसी ज़माने में छत्तीसगढ़ के शहरों में 50 फीट गहराई में बोरिंग सफल हो जाता था। आज सैकड़ों फीट खुदाई करनी पड़ती है। इस स्थिति को आप लोग वाटर हार्वेस्टिंग स्कीम से सफलतापूर्वक बदल सकते हैं। विश्व जल दिवस के अवसर पर यही संकल्प लीजिए कि पानी की हर बूंद को बचाना है क्योंकि ‘जल है तो कल है ” जल बचाइए अन्यथा हमारी आने वाली पीढ़ियां हमें माफ़ नहीं करेंगी।

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