दीपक विश्वकर्मा 
उमरिया —ग्राम पंचायतों के निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर सदैव सवाल उठाए जाते हैं , लेकिन संबंधित विभाग के अधिकारी आंख बंद करके गुणवत्ता हीन कार्यों में अपनी मुहर लगा कर शासकीय धन राशि का जमकर बंदरबांट करते देखे जा रहे हैं । ग्राम पंचायतों में गुणवत्ता हीन कार्यों और अधूरे कार्य के पहाड़ खड़े कर लाखों रूपयों का वारा न्यारा करते देखे जाते हैं , फिर भी जिम्मेदारो ने कभी भी सजीवता के साथ मामले को गंभीरता से नहीं लिया , परिणाम स्वरूप वर्षों तक उपयोगी निर्माण कार्य समय से पहले ही जबाब दे जाते हैं।एक ऐसा ही मामला उमरिया जिले के करकेली जनपद पंचायत के देवगवां खुर्द में प्रकाश में आया है । बताया जाता है कि देवगवां खुर्द पंचायत के डोडगवा गांव में एक बायोकुलांट किट का निर्माण वर्ष 2024 के जून माह में बनकर तैयार हुआ था,जिसकी स्वीकृति दिनांक 01-03-22 राशि 3.54 हजार बताई जा रही है ,यह बायोकुलांटक किट माह जून में बनकर तैयार हुआ था , जो कि एक बरसात में ही टूट कर बह गई है। विदित होवे कि देवगवां में जब से सचिव के पद पर ज्वाला धाम के बड़े महराज जी कमान संभालें है तब से ही विकास कार्यो को ग्रहण लगा हुआ है । बताया जाता है कि बड़े महराज जी ज्वाला धाम में गद्दी में दशकों से सम्हाल रहे हैं , जिससे यह पंचायतों में यह समय नही दे पाते । नतीजतन निर्माण कार्यों की स्थिति अंत्यंत घटिया और गुणवत्ता हीन करायें जाने की शिकायते आम हो चुकी है ।
बताया जाता है कि ज्वाला धाम में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालुओं का आना-जाना होता है जिसमें हर दिन लाखों रूपए की चढोत्री आती है , जिससे
बंधी आमद को छोड़कर चिल्लर के लिए ज्वाला धाम छोड़कर पंचायत जाने का अवसर बड़े महराज जी को मिल नहीं पाता,जिसके खानापूर्ति के लिए बड़े महराज जी अपने ही समाज के एक पंच के भतीजे को पंचायत की कमान सौंप दिया है,जिसका भुगतान हर माह दस हजार रूपए किया जाता है । बताया जाता है कि बड़े महराज जी ग्राम पंचायत में पदस्थ रहने के बड़े लाभ हैं, जो कि ज्वाला धाम में रहकर दो स्थानों से बड़ी आमद निकाल रहे हैं । शिकायत कर्ताओं ने आरोप लगाया है कि पंचायत सचिव बनने से पहले और आज की इनकी आर्थिक जांच करायी जायें तो करोड़ों के इस आसामी की हकीकत सामने आ जायेगी ।
जिला पंचायत की बैठक में नहीं पहुंचे हैं बड़े महराज जी
विगत दिवस जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभय सिंह ओहरिया ने करकेली जनपद पंचायत के सचिवों की एक अहम् बैठक आयोजित कर 181 में दर्ज शिकायतों के सन्दर्भ में बैठक आयोजित की गयी थी , जिसमें बहुसंख्यक में सचिव महोदय अपने ग्राम पंचायतों से पहुंचकर अपने अधिकारियों के निर्देशो का पालन किया, लेकिन बड़े महराज जी इस बैठक में नहीं पहुंचे । जानकार सूत्रों का कहना है कि बड़े महराज जी की यह कोई पहला मौका है नहीं है जिसमें यह बैठक में नहीं पहुंचे यह कभी भी जनपद पंचायत और जिला पंचायत की बैठक में भाग नहीं लेते, फिर भी मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभय जी का अभय दान बड़े महराज जी को मिला हुआ है । न जाने जब जिला स्तर के अधिकारी ही एक अदने से सचिव पर कृपा बरसा रहे हैं,तब उस ग्राम पंचायत के विकास कार्यों की गुणवत्ता हीनता ,पूर्णता और उनके कत्तर्व्य हीनता की जांच कौन करेगा। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के ऊपर भी इस सचिव के वरदहस्त कर कतिपय लोगों ने सवाल उठाए हैं ।
