कार्यालय सेवा भारती उमरिया में निशुल्क स्वास्थ शिविर 17 नवम्बर को-दिलीप पाण्डेय* *पीड़ित मानवता की सेवा के लिए संकल्पित है सेवा भारती: दिलीप पांडे*

उमरिया जिला
दीपक विश्वकर्मा

Express,,,, सेवा भारती(संघ) कार्यालय उमरिया में निशुल्क चिकित्सा परामर्श शिविर का आयोजन किया जा रहा है। जिसमे संस्कारधानी जबलपुर की प्रसिद्ध हॉस्पिटल शैल्वी, के विषय विशेषज्ञों के द्वारा मरीजों को परामर्श दिया जाएगा। जिसमे हड्डी एवं जोड़ रोग विसेसज्ञ डॉ विकाश सांवला जी,हृदय रोग विसेसज्ञ डॉ आशीष तिवारी जी,कर्क रोग विसेसज्ञ डॉ मालती भगत जी,स्त्री रोग विसेसज्ञ,पेशाब एवं किडनी रोगों के विसेसज्ञ डॉ ईशान मर्चेंट जी उपस्थित रहेंगे। मित्रों आप आपके परिजन कोई इन समस्याओं से पीड़ित है तो शिविर में आकर निशुल्क परामर्श उपचार प्राप्त करे। हो सके तो यह सूचना अपने आसपास भी दे ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग स्वास्थ शिविर का लाभ उठा सके। बंधुओ शैल्वी हॉस्पिटल का चिकित्सा जगत में एक बड़ा नाम है। और इस नाम के पीछे छिपी है वहाँ के चिकित्सकों की उपचार विधा। ज्ञान एवं अनुभव। बहुत ही खुसी की बात है कि सेवा भारती के तत्वावधान में ऐसी महान विभूतियो का आगमन उमरिया हो रहा है।आप सभी आदरणीय बंधुओ से आत्मीय निवेदन है कि आपके आसपास या परिचय में कोई ऐसा ब्यक्ति है जो उपरोक्त किसी मर्ज से पीड़ित है तो आप उसकी मदद जरूर करें। जिला अध्यक्ष जी ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ विश्व का सबसे बड़ा स्वयंसेवी संगठन है। जिसकी स्थापना डॉ हेडगेवार जी ने विजयादशमी के परम पवित्र पुनीत अवसर पर वर्ष 1925 में की थी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ सेवा के विभिन्न प्रकल्प चलाता है। सेवा कार्यो में संघ की भूमिका अग्रणी रही है।सेवा को भारत में एक श्रेष्ठ मूल्य माना गया है। हमारे पूर्वजों ने इसे व्यक्ति-व्यक्ति के सुख दुःख के साथ जोड़ा है। जो भी पीड़ित, अभावग्रस्त, वंचित हैं ऐसे समस्त व्यक्तियों को उन्नति विकास के मार्ग पर चलाना, असहाय बंचित एवं पीड़ित मानवता की सेवा करना नारायण सेवा मानी गई है। इसीलिए जो श्रेष्ठ चिंतन हमारे पूर्वजों ने किया है उसको हम दोहराते हैं। सर्वे भवन्तु सुखिन: सर्वे सन्तु निरामया।सर्वे भद्राणि पश्यन्तु, मा कश्‍चिद् दु:ख भागभवेत l इन ओजस्वी विचारों को साकार करने का एक मार्ग, एक माध्यम ही सेवा है।भारतीय तत्वज्ञान एवं देवभूमि भारत वेदभूमि भारत मे वैदिक सारांश सेवा कार्य में दिखाई देता है। हमारी परंपरा में वेदकाल से लेकर अब तक हम जो प्रार्थना करते हैं, उस प्रार्थना को प्रत्यक्ष व्यवहार में लाने के लिए तथा स्वयंसेवको के द्वारा दूसरों को सुखी करने के लिए जो भी कार्य किया जा सकता है, वह सेवा है। अपने यहां दूसरों को सुखी करने के प्रयास को स्वयं के सुख प्राप्ति का एक श्रेष्ठ मार्ग कहा गया है। इस मार्ग पर चलने से सारा समाज सुखी हो जाएगा अर्थात् मैं भी सुखी हो जाऊंगा। संघ का भी चितंन यही है।स्वयंसेवक शब्द में ही सेवा भाव होने के कारण सेवा करना संघ के प्रत्येक स्वयंसेवक का कर्तव्य माना गया है। संघ का जब प्रारंभ हुआ तब से ही संघ के स्वयंसेवक समय-समय पर सेवा कार्य करते आए हैं। क्योंकि यह समाज मेरा है, समाज का सुख दु:ख मेरा, समाज की पीड़ा मेरी है इसलिए इस समाज को सुखी करना मेरा कर्तव्य है। संघ में यही संस्कार सिखाया जाता है। उसी के कारण स्वयंसेवक सर्वत्र सेवा करते रहते हैं, व्यक्तिगत स्तर पर तथा सामूहिक भी।जब जब आपत्ति आती है विपदा आती है तब-तब स्वयंसेवक दौड़ कर सेवा एवं बचाव कार्यो में लग जाते हैं। उसके लिए स्वयंसेवकों को न संकेत देना पड़ता है, न प्रेरित करना पड़ता है, न मार्गदर्शन करना पड़ता है। भूकंप, बाढ़, अकाल या कोरोना जैसी आपदा हो। ऐसे कई सारे उदाहरण हैं। सब जगह स्वंयसेवकों ने अपना स्वभावगत कार्य किया। जिला अध्यक्ष भाजपा श्री दिलीप पाण्डेय जी ने कहा कि कार्यालय सेवा भारती उमरिया में आयोजित मल्टी स्पेशलिटी मेगा स्वास्थ परामर्श शिविर की जानकारी सोशल मीडिया या अन्य माध्यमो से सब तक पहुंचाये ताकि पीड़ित संबंधित रोगों के निदान हेतु परामर्श प्राप्त करे वा सुखमय निरोगी स्वस्थ जीवन जियेl

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