कुवारपुर क्षेत्र में बाघ के देखे जाने से दहशत का माहौल वन विभाग द्वारा की जा रही निगरानी

@ दीपक विश्वकर्मा

मनेंद्रगढ़ — एमसीबी जिले के अंतर्गत आने वाले मनेन्द्रगढ़ वनमंडल के वन परिक्षेत्र कुँवारपुर में आदमखोर तेन्दुआ का आतंक खत्म होने के बाद अब इस क्षेत्र में वन्य प्राणी बाघ के देखे जाने से लोगों में दहशत का माहौल है। रविवार को ग्राम पंचायत तोजा के आरा पहाड़ के पास कंकाली माता मंदिर के नीचे नगदहा स्टापडेम के पास ग्रामीणों ने बाघ को विचरण करते देखा है। जानकारी मिलने के बाद गांव वालों में बाघ को लेकर भय बना हुआ है।
आपको बता दें की हाल ही में भरतपुर विकासखंड के वन परिक्षेत्र कुंवारपुर में तेंदुए के हमले से तीन मौत हो चुकी है। इससे अभी ग्रामीण उबरे भी नही थे की बाघ की उपस्थिति देखकर ग्रामीण फिर से घबरा चुके हैं।
मध्यप्रदेश की सीमा से लगभग 5 किलोमीटर पहले ही बॉर्डर में बसे ग्राम आरा के नगदहा स्टापडेम के पास रविवार को बाघ जंगलों में विचरण करते दिखा। ग्रामीणों की सतर्कता और शोरगुल करने के कारण बाघ रिहायशी क्षेत्र की ओर आने की छोड़ वापस जंगल की ओर भाग गया।
शहरी क्षेत्रों के पास बाघ को देखे जाने की खबर जंगलों मे आग की तरह फैली हुई है। मामले की जानकारी मिलने के बाद वन अमले और ग्रामीणों ने मिलकर बाघ को जंगल की ओर भगाया।
गुरुघासीदास राष्ट्रीय उद्यान के संचालक रंगानाथ रामकृष्ण बताते हैं कि गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान में कुल 5 बाघ हैं और इस जंगल में हजारों वन्य प्राणी भी है। राज्य सरकार ने इसे टाइगर रिजर्व भी घोषित करने की तैयारी कर रखी है लेकिन अभी तक इस दिशा में कोई आदेश नही आया है। विभाग द्वारा सतत निगरानी रखी जा रही है।प

Express MPCG