यजुवेन्द्र सिंह ठाकुर

काँकेर । शहर तथा प्रदेश की सुप्रसिद्ध समाजसेवी संस्था “जन सहयोग ” के अध्यक्ष अजय पप्पू मोटवानी को सूचना मिली थी कि विक्षिप्त लगने वाला एक व्यक्ति कुछ दिनों से काँकेर शहर में भूखा- प्यासा घूम रहा है और अपना नाम- पता तक बताने की स्थिति में नहीं है । अजय पप्पू मोटवानी फौरन ही इस व्यक्ति का पता लगाने में अपने साथियों सहित जुट गए । आज सुबह उन्हें वह मनोरोगी दूध नदी के पुल पर बैठा हुआ दिखाई दिया। मोटवानी ने उसके पास जाकर, उसे विश्वास में लेकर, नाम- पता पूछा तो बड़ी मुश्क़िल से और धीमी आवाज़ में उसने बताया कि उसका नाम मोनू नायक है और वह दो ढाई महीने से कोण्डागांव शहर से पैदल चलता हुआ काँकेर तक पहुंचा है। यहां उसका रहने- खाने का कोई समय है ना ठिकाना है । कूड़े कचरे में पड़ा हुआ जूठा भोजन खाना तथा कहीं भी गर्मी या बरसात में पड़े रहना, इस तरह से उसके दिन कट रहे हैं । नहाना तो इस ढाई महीने के अरसे में हुआ ही नहीं । उसकी बात सुनकर अध्यक्ष अजय पप्पू मोटवानी ने तुरंत नाई को बुलाकर उसकी कटिंग- शेविंग करा दी तथा “जन सहयोग ” के सदस्यों की सहायता से उसे नहला- धुला कर अच्छे कपड़े पहना दिए । इसके पैर में एक जगह घाव भी था, जिसकी ड्रेसिंग स्वयं अजय पप्पू मोटवानी ने कर दी। बाद में सवाल उठा कि यदि वह कोण्डागांव वापस जाना चाहे तो उसका प्रबंध कर दिया जाए। मनोरोगी मोनू नायक “जन सहयोग” वालों के व्यवहार से बहुत प्रभावित हुआ और वह कोण्डागांव वापस जाने को तैयार हो गया । उसे भोजन कराने, बस में बैठाने तथा राह खर्च का प्रबंध अध्यक्ष ने कर दिया और बस कंडक्टर को भी समझा दिया कि कोण्डागांव में जहां कहीं वह उतरना चाहे उसे सहारा देकर उतार दिया जाए। “जन सहयोग” समाजसेवी संस्था वालों के इस व्यवहार से न केवल मनोरोगी मोनू नायक की हालत में उल्लेखनीय सुधार हुआ बल्कि काँकेर के आम नागरिकों ने भी इस पुण्य सेवा कार्य की प्रशंसा हृदय से की। आज के इस सेवा- कार्य में सक्रिय भाग लेने वाले समाज सेवियों में अध्यक्ष अजय पप्पू मोटवानी के अलावा प्रमोद सिंह ठाकुर ,जितेंद्र प्रताप देव, करण नेताम तथा भूपेंद्र यादव के नाम उल्लेखनीय हैं।
