*राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत प्रवेश प्रक्रिया- 01 जुलाई को पहली मेरिट सूची जारी*

*भानुप्रतापपुर, रिपुदमन सिंह बैस*

छत्तीसगढ़ राज्य में शैक्षणिक सत्र 2024-25 से राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 लागू किया जा रहा है, तथा प्रवेश प्रक्रिया जारी है। शासकीय महर्षि वाल्मीकि स्नातकोत्तर महाविद्यालय भानुप्रतापपुर की प्राचार्य डॉ रश्मि सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय के निर्देशानुसार स्नातक प्रथम सेमेस्टर में प्रवेश हेतु प्रथम मेरिट सूची 01 जुलाई तथा द्वितीय मेरिट सूची 09 जुलाई को जारी किया जाएगा। सीट रिक्त होने पर 25 जुलाई तक महाविद्यालय स्तर पर मुक्त प्रवेश तथा कुलपति की अनुमति से 31 जुलाई तक प्रवेश दिया जाएगा।

वरिष्ठ प्राध्यापक एवं छात्रसंघ प्रभारी रमेश कुमार दर्रो ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत बीए, बीएससी, बीकॉम समेत अन्य यूजी कोर्स के सिलेबस एवं पासिंग मार्क्स में बदलाव किया गया है। इसके अनुसार महाविद्यालय स्तर पर टेस्ट एवं असाइनमेंट के आधार पर 30 प्रतिशत अंक प्रदान किया जाएगा, जबकि 70 प्रतिशत अंकों के लिए विश्विद्यालय द्वारा प्रत्येक सेमेस्टर अंत में परीक्षा आयोजित की जाएगी। आंतरिक एवं सेमेस्टर परीक्षा के अंकों को जोड़कर पास होने के लिए न्यूनतम 40 फीसदी लाना अनिवार्य है। पहले, पासिंग मार्क्स न्यूनतम 33 फीसदी था। इस सत्र से स्नातक प्रथम सेमेस्टर में एनईपी लागू होगी, इसलिए न्यूनतम उत्तीर्ण अंक का जो नया सिस्टम बना है, वह स्नातक प्रथम सेमेस्टर के लिए ही लागू होगा। स्नातक द्वितीय एवं तृतीय वर्ष की पढ़ाई अभी पुराने तरीके से ही होगी।

*स्वाध्यायी छात्रों के लिए पंजीयन जरूरी, आवेदन अगस्त में*
वरिष्ठ प्राध्यापक श्यामानंद डेहरिया ने बताया कि इस सत्र से प्राइवेट छात्र के तौर पर स्नातक प्रथम वर्ष की परीक्षा में शामिल होने के लिए अब पहले ही रजिस्ट्रेशन करना होगा। इसके लिए आवेदन की प्रक्रिया संभवतः अगस्त में शुरू होगी। इसमें छात्रों को यह बताना होगा कि वे किस महाविद्यालय से परीक्षा देंगे। इन्हें भी नियमित छात्र-छात्राओं की तरह आंतरिक मूल्यांकन में सम्मिलित होना अनिवार्य होगा तथा प्रत्येक सेमेस्टर अंत में परीक्षा देनी होगी।

*राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 हेतु संवेदीकरण कार्यशाला एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन*
महाविद्यालय के राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 क्रियान्वयन प्रकोष्ठ के संयोजक रितेश कुमार नाग ने बताया कि उच्च शिक्षा विभाग द्वारा प्रत्येक जिले से मास्टर ट्रैनर चयनित कर दो दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला में प्रशिक्षण प्रदान किया गया है जो दिनांक 01 जुलाई से 06 जुलाई तक अपने जिले के प्रत्येक महाविद्यालय में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 संवेदीकरण कार्यशाला आयोजित कर समस्त शिक्षकों एवं कर्मचारियों को प्रशिक्षण प्रदान करेंगे। सत्र 2024-25 अकादमिक कैलेंडर के अनुसार प्रवेश प्रक्रिया समाप्ति के बाद 01 अगस्त को महाविद्यालय स्तर पर नवप्रवेशी छात्र-छात्राओं के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 संवेदीकरण हेतु इंडक्शन कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा!

*राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के मुख्य प्रावधानः*
•03/04 वर्षीय बहु-संकायी स्रातक पाठ्यक्रम।
•समस्त पाठ्यक्रम क्रेडिट पर आधारित होने के साथ ही चॉइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम के अंतर्गत होंगे।
•03/04 वर्षीय स्रातक पाठ्यक्रम को विद्यार्थी अधिकतम 07 वर्षों में पूर्ण कर सकता है।
•पाठ्यक्रम अवधि में विद्यार्थी “बहु-प्रवेश बहु-निकास” प्रावधान के अंतर्गत प्रथम वर्ष पूर्ण कर किसी कारणवश पढ़ाई छोड़ देता है तो उसे उस संकाय के अंतर्गत ‘सर्टिफिकेट’ दो वर्ष पूर्ण कर छोड़ने पर ‘डिप्लोमा’ की उपाधि दी जाएगी एवं तृतीय वर्ष पूर्ण करने पर ‘स्नातक’ की उपाधि प्राप्त कर पाठ्यक्रम को छोड़ सकता है।
•जिन विद्यार्थियों को विषय विशेष में विशेषज्ञता प्राप्त करने या शोध करने की इच्छा हो वे पाठ्यक्रम को निरंतर चौथे वर्ष में जारी रख सकते हैं एवं ‘आनर्स/आनर्स विथ रिसर्च’ की उपाधि चौथे वर्ष में प्राप्त कर सकते हैं।
•इस नीति के अंतर्गत बहु-विषयक शिक्षा, वैचारिक समझ एवं आलोचनात्मक सोच, नैतिक मूल्यों के साथ कौशल विकास को भी पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया गया है।
•सतत आतंरिक मूल्यांकन में 30% अंक एवं अंत सेमेस्टर परीक्षा में 70% अंकों का प्रावधान रखा गया है। विद्यार्थी को उत्तीर्ण होने हेतु इन दोनों को मिलाकर (आतंरिक एवं अंत सेमेस्टर परीक्षा) कुल 40% प्राप्त करना अनिवार्य होगा।
•जेनेरिक एलेक्टिव के अंतर्गत कला/विज्ञान/वाणिज्य संकाय का विद्यार्थी अपने संकाय के अतिरिक्त अन्य संकाय के किसी एक विषय को अपनी इच्छानुसार ले सकता है।
•स्वाध्यायी छात्रों का समयबद्ध नामांकन और सतत मूल्यांकन द्वारा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना।

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