अवैध शराब का अवैध धंधा शराब ठेकेदारों का ही फंडा शराब के ठेकेदारों के गुर्गे द्वारा खबर लगाने वाले पत्रकारों का रास्ता रोककर जान से मारने और उनसे कैमरा छीनकर तोडने की कोशिश की गई।

बिरसिंहपुर पाली

दीपक विश्वकर्मा

आबकारी विभाग और पुलिस विभाग के संरक्षण में दौड़ रही अवैध शराब से भरी मोटरगाड़ी

अगर अवैध शराब के अवैध कारोबार की जड़ के बारे में जानने की कोशिश करें तो जानकारी जानकार लोग चौंक जाएंगे वास्तविकता यह है कि शराब का अवैध धंधा ठेकेदारों का ही फंडा होता है

ठेकेदार शराब की जो दुकान ठेके पर लेते हैं उसे क्षेत्र में दर्जनों दुकान चलाता है कतिपथ ढाबे वाले होटल वाले गूमटी वाले कई घरों से कई चाय की दुकान से कोई पान की दुकान से आदि अनेक प्रकार से शराब का अवैध कारोबार होता है इन सब दुकानों पर शराब अपने दो पहिया या चार पहिया आदि के माध्यम से सप्लाई की जाती है यह दो पहिया हुआ चार पहिया जिले के एक प्राइवेट की तरह मार्केटिंग करते हुए अवैध शराब का परिवहन करती है जिसकी जानकारी पुलिस विभाग के साथ-साथ जिला आबकारी विभाग को भी होती है लेकिन जिला आबकारी विभाग द्वारा इस अवैध शराब पर किसी भी तरह की कोई कार्रवाई नहीं की जाती जिसे यह व्यापार इन साधनों के माध्यम से दिन दुगनी रात चौगुनी के तर्ज पर विकास कर रहा है और ठेकेदार के साथ-साथ पुलिस विभाग और आबकारी अधिकारी की जेब भी गर्म कर रहा होगा अन्यथा कार्रवाई न होना संभव से परे है
जिले में नवीन भीम के तहत ठेकेदार के माध्यम से शराब की बिक्री की जा रही है नियमों व कायदों को अपने जेब में रखकर ठेकेदार के गुर्गे ग्राहकों के साथ गुंडो की भांति पेश आते हैं और बिना बिल की महंगी शराब की बिक्री कर प्रशासन को चुनौती दे रहे हैं वही आबकारी विभाग के अधिकारी चुपचाप इस कारनामे को सुनकर अपने कर्तव्य से इतिश्री कर ले रहे हैं जिला मुख्यालय सहित पाली रामपुर घुनघुटी सहित अवैध शराब का कारोबार धडल से किया जा रहा है घरों होटल व पान खेलों में भी शराब का अच्छा खासा गोरख धंधा फल फूल रहा है वहीं कई जगह अंग्रेजी एवं देसी शराब अवैध रूप से ठीक है बनाकर बेचा हुआ दिखाया जा रहा है यहां तक की खुलेआम पाली क्षेत्र में संचालित छोटे एवं बड़े भोजनालय एवं अंग्रेजी देसी शराब भोजन के बहाने बेची जा रही है
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विभाग के संरक्षण में बढ़ रहा अवैध शराब का व्यवसाय
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इस वित्त वर्ष में अवैध शराब माफियाओं पर शायद ही कोई बड़ी कार्रवाई हुई होगी हां यह जरूर है की कागजी खाना पूर्ति हेतु आबकारी विभाग द्वारा कच्ची शराब के केस महुआ से बनी शराब समेत कुछ लोगों से देसी विदेशी शराब जपती के केस बनाकर इतिश्री कर ली जाती है आबकारी विभाग द्वारा जिले में जहां-जहां इस तरह के केस बनाए गए उसमें मात्रा खाना पूर्ति कर इतिश्री की गई जबकि जिले के शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में कई दर्जनों दुकान पर अवैध शराब का परिवहन व बिक्री खुलेआम हो रहा है जिसकी जानकारी आबकारी अधिकारी को होने के बाद भी कोई कार्यवाही न होने इस और संकेत करता है कि सारा अवैध शराब का कारोबार आबकारी विभाग के संरक्षण में ही फल फूल रहा है और अधिकारियों के गैर जिम्मेदार आना रवैया के वह कार्य शैली ने जिले में अवैध शराब का कारोबार बढ़ रहा है आज जिले में कहीं पर भी बच्चे से पूछ लिया जाए शराब कहां मिलता है तो आसानी से उसे स्थान का पता बता देगा

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बौना हुआ पुलिस और आबकारी विभाग
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सूत्रों के मिली जानकारी के अनुसार आबकारी विभाग व पुलिस विभाग के संरक्षण पर इन दिनों अवैध शराब का कारोबार जिला मुख्यालय सहित ग्रामीण अंचलों में बिक्री की जा रही है होटल किराना दुकान व छोटे-मोटे दुकान सहित कई जगह में संचालित है कहीं ना कहीं आबकारी विभाग उमरिया एवं स्थानीय पुलिसकर्मियों की सह पर ही अवैध शराब बिक्री का कारोबार चल रहा है ऐसा नहीं है कि इन सब की भनक आबकारी विभाग को नहीं है लेकिन जब जिले के उच्च अधिकारियों का फरमान आता है तो खाना पूर्ति करने के लिए छोटी-मोटी कार्रवाई कर अधिकारियों के आदेश के फोरम को पूरा कर लिया जाता है।

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