शहर के मिनी स्टेडियम में चल रही रामकथा के छठवें दिन पंडित अतुलकृष्ण भारद्वाज ने कहा भगवान को सरोवर और बगीचे बहुत पसंद हैं। इसके पीछे कारण है सरोवर में शुद्ध जल तथा बगीचों में वायु शुद्ध होती है। यही कारण था पूर्वजों ने बड़ी संख्या में सरोवर तथा बगीचे बनवाए लेकिन आज हम इन शुद्ध जलवायु के केंद्रों को नष्ट करते जा रहे हैं। हम आज हर चीज के लिए सरकार को दोष देते हैं लेकिन वास्तव में ये समस्या हमारे लाईफ स्टाईल की है। जलवायु की हम रक्षा करेंगे तो वे हमारी रक्षा करेंगे और उन्हें नष्ट करके हम अपने विनाश को आमंत्रित करते हैं।

यजुवेन्द्र सिंह ठाकुर

कांकेर। जलवायु प्रदूषित होने का ही प्रभाव है की मनुष्य का बल कम होने लगा है। आज से 50 साल पहले मनुष्य 100 किलो चावल की बोरी आसानी से उठा लेते थे। आज के युवा भी 100 किलो की बोर नहीं उठा पाते यही कारण है सरकार ने 100 किलो की चावल की बोरियों को घटाकर अब 40 किलो पैकिंग वाली बोरियां बना दी है। लाईफ स्टाईल का कितना अधिक बुरा प्रभाव वातावरण में पड़ रहा है इसे समझाते कहा अब शौचालय घरों के अंदर होने लगे हैं। अब मल को पानी में सड़ाया जाता है जिसके प्रभाव से मिथेन गैस बनती है। मिथेन का एक परमाणु आक्सीजन के 23 परमाणुओं को नष्ट कर देता है। घर घर में आज जहरीली मिथेन की फैक्ट्रियां खुल चुकी है। इस पर देश में बहस होना चाहिए तथा सुप्रीम कोर्ट को भी संज्ञान में लेना चाहिए। कांकेर के लोग तो बहुत भाग्यशाली हैं क्योंेकि पहाड़ जंगल होने से जलवायु अभी भी अच्छी है लेकिन मैं दिल्ली क्षेत्र से आया हूं वहां की जलवायु तो इतनी खराब है की आज सबसे बड़ी समस्या बन चुकी है। कांकेर के जंगलों को लेकर भी चिंता करते पंडित अतुलकृष्ण ने कहा जंगलों से महुआ के पेड़ काटते जा रहे हैं लेकिन नए महुआ के पेड़ नहीं लगाए जा रहे हैं। ये महुआ के पेड़ ही बादलों को रिझाकर बारिश का कारण बनते हैं। वनविभाग भी महुआ के पेड़ नहीं लगा नीलगिरी के पेड़ लगा रहा है जो न सिर्फ जलस्तर बल्कि जमीन की सेहत के लिए नुकसानदेह है। यह मिट्टी के पोषक तत्वों को खींचकर उसे बंजर बना देता है। पंडाल में उपस्थित श्रद्धालुओं से कहा हम सभी को महुआ का पौधारोपण अधिक से अधिक करना चाहिए।

भगवान राम के तीन विशिष्ट गुण

पंडित अतुल कृष्ण ने कहा भगवान इतने अधिक सुंदर हैं की जब वे पहली बार जनकपुरी पहुंचे तो राजा से लेकर उपस्थित सभी उन्हें देखते ही रहे। भगवान राम के तीन विशिष्ट गुण बताते कहा उनमें रूप, बल और विनय तीनों का समावेश है। सामान्यत: कोई रूपवान होता है तो बलवान नहीं होता। कोई बलवान होता है तो विनम्र नहीं होता। जिस किसी भी व्यक्ति में ये तीनों गुण मिल जाएं तो समझें वो परिपूर्ण हो गया है तथा उस पर भगवान की असीम कृपा है।

भगवान सबको प्रिय हैं क्योंकि वे सभी के हैं

पंडित अतुलकृष्ण ने कहा भगवान सबको प्रिय हैं क्योंकि भगवान का हर किसी से नाता बना हुआ है। हमेशा हमें प्रिय वही लगता है जो हमारा अपना होता है। भगवान राम सर्वजगत के हैं इसलिए सभी को प्रिय हैं। राम भगवान हैं यह सर्वसिद्ध है क्योंकि दुनिया के कितने भी बलशाली या विशिष्ट व्यक्ति को मगरमच्छ के सामने भेज दो वह उन पर हमला ही करेगा। लेकिन भगवान राम की सेना को लंका पहुंचने जब रामसेतू भी छोटा पड़ने लगा तो भगवान राम के आव्हान पर समुद्र के सभी जीवजंतु समुद्र से थोड़ा ऊपर आ गए और विशाल सेतू बना दिया जिस पर से होकर राम जी की सेना ने लंका पर चढ़ाई कर दी।