विनोद जैन

कहते है जहां चाह होती है वहां राह भी बन जाती है ऐसा ही एक वाक्या बालोद को भगवामय बनाने की चुनौती रही लोगो मे 22 जनवरी से लगभग 20 दिन पहले बालोद को भगवामय बनाने की सोंच दूर दूर तक नजर नही आ रही थी तब शहर के वार्ड नम्बर 12 के पार्षद राजू भाई पटेल एवं उनके युवा साथियो ने ठान लिया कि शहर के सभी प्रमुख मार्गों के घरों में अगर भगवा रंग के झालर लगाए जाएं और राम दरबार वाले तोरण पताका लगाया जाए तो धर्मनगरी बालोद की फिजा में भगवा रंग चढ़ जाएगा उनकी इस सोंच ने मात्र 20 दिन से कम समय मे बालोद शहर में तकरीबन 10 लाख रुपये से अधिक के झालर और लगभग 1 लाख से अधिक के झंडे बिकवा दिए लोगो को रोजगार भी मिल गया और बालोद आज पूरे राज्य में अपने आकर्षक रंग के कारण चर्चा में बना हुआ है दुर्ग और धमतरी की तरफ से जैसे ही शहर में प्रवेश किया जाए तो झलमला से गंजापारा होते हुए कालेज रोड तथा राजनांदगांव की तरफ से प्रवेश करते ही ग्राम जंगेरा से लेकर शहर के इंदिरा चौक एवं सदर बाजार में भगवा ध्वज झालर और तोरण से शहर राममय नजर आने लगा है ऐसा अद्भुत सजावट आज तक कभी शहर में देखने को नही मिला इस सजावट की चर्चा आज राज्य के हर बड़े शहर में हो रही है शहर के सभी सामाजिक एवं धार्मिक समितियां प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव दिवस को भव्य बनाने में कोई कसर नही छोड़ रहे हैं
