*स्वामी विवेकानंद जयंती के शुभवसर पर स्वावलंबी भारत अभियान व बस्तर इंस्टिट्यूट कांकेर ने विभिन्न शासकीय विद्यालयों के साथ युवा उद्यमिता संकल्प सप्ताह के रूप में मनाया।*

यजुवेन्द्र सिंह ठाकुर

स्वावलंबी भारत अभियान के अंतर्गत कांकेर में स्वामी विवेकानंद जयंती कार्यक्रम में मुख्यतिथि व मुख्य वक्ता के रूप में स्वावलंबी भारत अभियान के बस्तर संभाग संयोजक श्री भूपेश सिंह ठाकुर सम्मलित हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता स्वावलंबी भारत अभियान के ज़िला समन्वयक एवं बस्तर इंस्टिट्यूटर कांकेर के निदेशक श्री हरिशंकर उइके जी ने की।

इसी तारतम्य में स्वावलंबी भारत अभियान के बस्तर संभाग संयोजक श्री भूपेश सिंह ठाकुर ने लोगों को नौकरी के विकल्प में स्व रोजगार व स्टार्टअप के प्रति प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद के प्रेरणादायी वाक्य उठो जागो और लक्ष्य प्राप्ति तक रुको मत को अपने मन में धारण करते हुए उद्यमिता के क्षेत्र में काम करने की वर्तमान समय में आवश्यकता है, क्योंकि नौकरियां सीमित हैं और स्वरोजगार का क्षेत्र असीमित है। स्वाबलंबन को लेकर स्वामी विवेकानंद जी के विचार और उनकी जीवनी पर प्रकाश डाला। स्वामी विवेकानंद का स्वप्न था, हमारा युवा आत्मनिर्भर बनना चाहिए एवं स्वयं का उद्योग स्वयं का स्वरोजगार रोजगार की व्यवस्था करना चाहिए।

स्वामी विवेकानंद जी का मुख्य रूप से उनके भाषण की शुरुआत मेरे अमेरिकी भाइयों और बहनों के साथ करने के लिए जाना जाता था। स्वामी विवेकानंद ने शिकागो विश्व धर्म सम्मेलन में हिन्दू धर्म की पहचान विश्व से कराया। उन्होंने व्याख्यान के माध्यम से सिद्ध कर दिया था कि हिंदू धर्म ही सर्वश्रेष्ठ है क्योकि उसमें सभी धर्मों को समाहित करने की क्षमता है। स्वामी विवेकानंद ने सात समुंदर पार जाकर भारतीय संस्कृत की ध्वज को फहराने का कार्य किया

इसी कड़ी में स्वावलंबी भारत अभियान के ज़िला समन्वयक एवं बस्तर इंस्टिट्यूटर कांकेर के निदेशक श्री हरिशंकर उइके जी ने इस उत्सव का प्राथमिक लक्ष्य युवाओं को प्रेरित करना और देश के लिए अधिक आशाजनक भविष्य बनाने में योगदान देने के लिए स्वामी विवेकानंद द्वारा प्रचारित आदर्शों का प्रसार करना है। हम सब जानते है कि स्वामी विवेकानन्द एक शक्तिशाली वक्ता थे। उनके भाषणों में श्रोताओ को मंत्रमुग्ध करने की अद्भुत शक्ति थी।

आगे युवाओं से स्वावलंबन का मार्ग चुनने एवं देश को उन्नति के पथ पर ले जाने का आह्वान किया, एवं स्वच्छता और जल बचाओ अभियान के बारे में अवगत कराया। कैसे पढ़ाई के साथ पैसों की बचत करे या पैसा कैसे कमाना संभव हो सकता है और इसके लिए क्रिएटिविटी का उपयोग करने का आग्रह किया।

आगे श्री उइके जी ने छात्रों का करियर मार्गदर्शन करते हुए विभिन्न विषयों के माध्यम से किन किन क्षेत्रों में उच्च शिक्षा हेतु अवसर प्राप्त होंगे, कौन कौन से प्रतियोगी परीक्षाओ के माध्यम से विशेष कोर्स में आगे महाविद्यालय में दाखिला हो सकता है। पारम्परिक शिक्षा के साथ साथ स्वरुचिनुसार शिक्षा एवं सिर्टिफिकेशन कोर्सेज के बारे में विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई।
श्री हरिशंकर उइके जी ने शिक्षकों एवं युवाओं को ज्यादा से ज्यादा की संख्या में इस अभियान से जुड़ने का आग्रह किया।

अभियान की इस कड़ी में निम्न शालाओं व कैंप में कार्यक्रम किया गया

१)NSS कैंप देवडोंगर (शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, दुधावा)

२)शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, बुदेली

३)शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, डूमाली

४)शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, सिंगारभाट

५)शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, इच्छापुर

६)शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, मुरवेंड

७) शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, उमरादाह

८) शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, शाहवाडा

9)शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, सिंगारभाट

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