यजुवेन्द्र सिंह ठाकुर

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कांकेर शहर के मध्य से बहने वाली ऐतिहासिक दूध नदी के किनारो से अनावश्यक पेड़ पौधे तथा लोगों द्वारा फेंके गए कचरे की सफाई तो जन सहयोग संस्था वाले वर्षों से प्रति सप्ताह कर ही रहे थे ,अब बिन मौसम बारिश के कारण नदी के पुल के ऊपर भी कई टन धूल मिट्टी गर्द जमा हो गई थी ,जिसके कारण अधिकतर दो पहिया वाहन फिसल कर गिरते रहते थे और सौभाग्य वश बड़े वाहनों के नीचे आने से बच जाते थे, फिर भी घायल होकर अस्पताल जाने की नौबत तो आती ही रहती थी। इसके विषय में जब भुक्तभोगियों ने प्रतिष्ठित समाजसेवी संस्था “जन सहयोग” के अध्यक्ष अजय पप्पू मोटवानी को सूचित किया तो उन्होंने फौरन ही अपने साथियों को एकत्र कर रविवार की सुबह से पुल के ऊपर सफाई शुरू कर दी । कई गाड़ी धूलगर्द की मोटी- मोटी परतें कई घंटे तक साफ़ करने के बावजूद पुल के एक हिस्से में सफ़ाई करना बाकी रह गया, जिसे शीघ्र ही पूर्ण कर दिया जाएगा लेकिन इतना तो “जन सहयोग ” के समाजसेवियों ने कर ही दिया है कि अब पुल पर फिसल कर दो पहिया वाहनों के एक्सीडेंट होने की नौबत नहीं आएगी। इस अवसर पर वक्तव्य देते हुए जनसहयोग के अध्यक्ष अजय पप्पू मोटवानी ने विचार व्यक्त किए हैं कि कांकेर शहर के विस्तार तथा आबादी को देखते हुए यह पुल अब बहुत छोटा पड़ने लगा है तथा बहुत पुराना भी हो गया है। इसके स्थान पर नए तथा विस्तृत पुल की आवश्यकता है, जिसके लिए हमारी सरकार निकट भविष्य में क़दम उठाने वाली है। तब तक लोगों को चाहिए कि पुल पर अपने वाहन धीमी गति से और बहुत सावधानी से चलाएं क्योंकि धूल मिट्टी तो जमा होती ही रहेगी ,उससे बच कर चलने में ही समझदारी है। पुल पर दोनों तरफ़ ट्रैफिक पुलिस की भी व्यवस्था होनी चाहिए। आज के इस पुण्य कार्य में सहयोग देने वाले सदस्य समाजसेवियों में अध्यक्ष अजय पप्पू मोटवानी के अलावा धर्मेंद्र देव, करण नेताम ,चरण यादव, दिनेश मोटवानी ,संत कुमार रजक, रामदयाल चंदेल, बड़े गुड्डा, उत्तम मिश्रा ,बल्लू यादव, जितेंद्र प्रताप देव, शैलेंद्र देहारी, पप्पू साहू, भूपेंद्र यादव, प्रवीण गुप्ता, राजेश चौहान,अनिल वर्मा, दीपक यादव, गज्जू तथा संस्था के संरक्षक नरेंद्र दवेजी की उपस्थिति उल्लेखनीय थी। श्रमदान के अवसर पर पुल से आने जाने वाले लोग रुक कर समाज सेवियों की प्रशंसा तथा सहयोग करते रहे, जिनमें बुजुर्ग नागरिक मनोहर मंगलानी ,अब्दुल सत्तार भाई आदि ने सब का उत्साह बढ़ाने का कार्य किया और संस्था के समाज सेवियों के प्रति आशीर्वाद के वचन कहे।
