विनोद जैन
बालोद के पुराने बस स्टैंड में सुविधा सामुदायिक शौचालय सिर्फ एक बल्ब के भरोसे चल रहा है अंधेरे का यह आलम है कि लोगो को मोबाइल का टार्च उपयोग करना पड़ता है अंधेरा का फायदा उठाकर असामाजिक तत्व के युवक गांजा एवं शराब पीते नजर आते हैं आसपास के व्यापारियों ने बताया कि अंधेरा होने के बाद यहां आसपास की महिला कर्मचारी जाने से डरती है वही बुजुर्गो के साथ भी कमोबेस यही स्थिति रहती है,नही कोई देख रेख वाला यहां रहता है,इस समस्या को लेकर आसपास के लोगो मे आक्रोश बढ़ता ही जा रहा है,वैसे भी पालिका प्रशासन का इस पर कोई ध्यान नही है,सदर रोड चिनार काम्प्लेक्स का शौचालय भी अंधेरा में डूबा रहता है मजबूरी वश लोगो को गेट पर ही मूत्र विसर्जन करना पड़ता है जिससे बदबू का यह आलम रहता है कि काम्पलेक्स में जाने वाले अपने नाक और मुंह को बंद करके जाते हैं इन सबके बावजूद पालिका के अधिकारी इस समस्या पर गंभीर नजर नही आ रहे हैं उन्हें लोगो की समस्या पर कोई ध्यान नही देना भी चिंता का कारण है नगर के लगभग सभी सार्वजनिक शौचालय मूत्रालय की यही स्थिति है समय रहते इस पर ध्यान देना आवश्यक है*
