पंचायत सचिवों का हड़ताल के 30 वें दिन भी जारी, ग्राम सभा का विरोध कर सरपंचो ने सचिवो का किया समर्थन

भरत भारद्वाज

कोंडागांव ~ शासकीय करण की मांग को लेकर पूरे प्रदेश के पंचायत सचिव हड़ताल पर बैठे हैं, सचिवों की सिर्फ 1 सूत्रीय मांग की 2 वर्ष की परिवीक्षा अवधि के पश्चात उन्हें शासकीय करण किया जाए, अपनी मांग को लेकर विगत 16 मार्च से पंचायत सचिवो द्वारा हड़ताल पर बैठे हैं । सचिवों द्वारा अपनी मांगों को पूर्ण कराने अनेकों प्रकार से प्रदर्शन कर रहे हैं, वही पंचायत सचिव के समर्थन में विभिन्न राजनीतिक संगठन एवं कर्मचारी संगठन भी समर्थन दे रहे हैं इसके बावजूद सरकार पंचायत सचिवों की मांगों पर ध्यान नहीं दे रही है, वही पंचायत सचिव का हड़ताल आज भी जारी है आज 14 अप्रैल को हड़ताल की तीसवे दिन हड़ताल पर बैठे पंचायत सचिवों को क्षेत्र के सरपंच संघ का समर्थन मिला , सभी सरपंचों के द्वारा हड़ताल स्थल पर पहुंचकर सचिवों का समर्थन दिया । इस दौरान सरपंच संघ के जिला अध्यक्ष सोनू राम नाईक ने कहा कि सरपंच और सचिव सिक्के के दो पहलू हैं सरपंच और सचिव के बिना ग्राम में कार्य होना संभव नहीं है, पंचायत सचिव की मांग जायज है सरकार को इनकी मांगों को जल्द से जल्द पूर्ण करना चाहिए । हड़ताल के चलते ग्रामों में ग्राम स्तर के कार्य नहीं हो पा रहे हैं जिससे ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, ग्राम पंचायत में सरपंच के साथ-साथ सचिव की अहम भूमिका रहती है । आज से ग्राम सभा का का आयोजन होना है लेकिन सचिवों के बिना ग्राम सभा संभव नहीं है, सरपंचों ने ग्राम सभा का बहिष्कार करते हुए हड़ताल पर बैठे पंचायत सचिव का समर्थन दिया है । इस दौरान हड़ताल पर बैठे पंचायत सचिव के साथ ग्राम पंचायत के सरपंच बड़ी संख्या में उपस्थित रहे ।

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