भरत भारद्वाज
कोंडागांव ~कोंडगांव जिले के फरसगांव ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पश्चिम बोरगांव में पहली बार मनाए जाने वाली चड़क पूजा क्षेत्र में इस समय धूम मची हुई है। बंगाली बाहुल्य क्षेत्र पश्चिम बोरगांव में चरक पूजा की तैयारी जोर शोर से आयोजक द्वारा किया गया हैं।
चरक पूजा के एक दिन पहले 13 अप्रैल को खजूर भांगा महोत्सव का आयोजन हुआ जिसका इंतजार लोग बेसब्री से कर रहे थे। शिवभक्त की टोलियों से सदस्य गंगा जल से स्नान कर गेरुआ वस्त्र धारण कर कटीले खजूर पेड़ में बिना किसी सहारे चढ़ गए तथा नृत्य करते हुए पेड़ पर लगी कच्चे खजूर की डालियों को तोड़ नीचे फेंकते रहे। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु जन उपस्थित थे, खजुर पेड़ के नीचे चारों ओर खड़े श्रद्धालु ऊपर से फेंके खजूर फल को प्रसाद के रूप में ग्रहण करते रहे। बंग समुदाय के लोगो ने बताया की एक महीने तक सभी घरों में जाकर यह शिवभक्त भिक्षा मांगते हैं और एक महीने के अंतिम दिन खजूर भंगा महोत्सव का आयोजन किया जाता हैं,वैसे तो यह आयोजन ओडिसा राज्य में अधिकतर होता हैं लेकिन इस वर्ष पहली बार कोंडगाव जिले के पश्चिम बोरगांव में यह आयोजन किया गया जिसे देखने आज पास गांव के लोग बड़ी संख्या में एकजुट हुए, इस आयोजन के अगले दिन चरक पूजा का आयोजन किया जाता है , जो आज 14 अप्रैल को यह आयोजन किया जाएगा, इस आयोजन में शिवभक्त अपने पीठ में रस्सी से लोहे की हुक लगाकर उन्हे घूमते हैं इस तरह बड़ी धूमधाम के साथ बंग समुदाय के लोग चरक पर्व मनाते हैं। चरक पूजा के दिन सुबह से ही पूजा अर्चना किया जाता हैं और शाम को चरक पूजा को संपन्न किया जाता है,इस आयोजन में शामिल होने शिवभक्त महीने भर उपवास रहते है । जहा आज बड़े धूमधाम के साथ चरक पूजा का आयोजन किया जाएगा ।
