भरत भारद्वाज
कोण्डागांव – मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा विश्व वानिकी दिवस के अवसर पर 21 मार्च को मुख्यमंत्री वृक्ष संपदा योजना का वर्चुवल शुभारंभ किया गया। इस दौरान जिले के केशकाल वनमण्डल के अंतर्गत फरसगांव, केशकाल,बड़ेडोंगर एवं बड़ेराजपुर में जनप्रतिनिधियों सहित अधिकारियों-कर्मचारियों एवं ग्रामीणों ने चयनित हितग्राहियों के निजी भूमि में पौधरोपण किया। केशकाल वनमण्डल अन्तर्गत अरण्डी में आयोजित मुख्यमंत्री वृक्ष सम्पदा योजना शुभारंभ कार्यक्रम में अध्यक्ष जनपद पंचायत केशकाल महेन्द्र नेताम, उपाध्यक्ष जनपद पंचायत केशकाल गिरधारी सिन्हा और अन्य जनप्रतिनिधियों सहित वनमण्डलाधिकारी केशकाल वनमण्डल गुरूनाथन एन. और वन एवं अन्य विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों तथा ग्रामीणों के द्वारा ग्राम अरण्डी निवासी हितग्राही बिरेन्द्र यादव के निजी भूमि पर रकबा 1.5 एकड़ भूमि में टिश्यू कल्चर सागौन तथा 0.222 एकड़ भूमि पर टिश्यू कल्चर बांस का रोपण कर मुख्यमुत्री वृक्ष सम्पदा योजना का शुभारंभ किया गया। इस मौके पर अवगत कराया गया कि विश्व वानिकी दिवस के अवसर पर केशकाल वनमण्डल के बड़ेराजपुर, केशकाल, फरसगांव एवं बड़ेडोंगर परिक्षेत्र के अंतर्गत कुल 10 हितग्राहियों के 22 एकड़ रकबा में टिश्यू कल्चर सागौन एवं टिश्यू कल्चर बांस के 5350 पौधे रोपित किये गये। ज्ञातव्य है कि मुख्यमंत्री वृक्ष सम्पदा योजना किसानों की निजी भूमि पर वृक्षारोपण कर ग्रामीणों की आय बढ़ाने के साथ-साथ छत्तीसगढ़ को हरियाली से आच्छादित करने की एक महत्वाकांक्षी योजना है। इस योजना अंतर्गत समस्त वर्ग के सभी इच्छुक भूमि स्वामी, शासकीय, अर्द्ध शासकीय एवं शासन की स्वायत्त संस्थाऐं, निजी शिक्षण संस्थाऐं, निजी ट्रस्ट, गैर शासकीय संस्थाऐ, पंचायतें तथा भूमि अनुबंध धारक इस योजना का लाभ ले सकते हैं। हितग्राही की निजी भूमि में 05 एकड़ तक रोपण हेतु 100 प्रतिशत तथा 05 एकड़ से अधिक क्षेत्र में रोपण हेतु 50 प्रतिशत वित्तीय अनुदान शासन द्वारा हितग्राहियों को प्रदाय किया जाएगा। राज्य में इस योजना के माध्यम से प्रति वर्ष 36 हजार एकड़ के मान से कुल 05 वर्षों में 1 लाख 80 हजार एकड़ में 15 करोड़ पौधों के रोपण का लक्ष्य रखा गया है। शासन द्वारा चयनित वृक्ष प्रजातियों की खरीदी के लिए प्रतिवर्ष न्यूनतम क्रय मूल्य निर्धारित किया जाएगा, जिससे कृषकों को निश्चित आय प्राप्त हो सके। योजना अंतर्गत क्लोनल नीलगिरी, टिश्यू कल्चर बांस,सागौन, मालाबार नीम जैसे आर्थिक लाभ देने वाले पौधों का रोपण किया जाएगा।
