
@यजुवेन्द्र सिंह ठाकुर
दिनांक 15. तारीख की सुबह रनाय बाई कुमेटी महुआ बिनने लकड़ी लेने के लिए खेत गई थी खेत जाने की जल्दबाजी में बकरी को घास ,पत्ती चरने के लिए ले जाना भूल गई । शाम 4.30 बजे रनाय बाई का पति दस्सु राम कुमेटी शराब के नशे में खेत आया जो बकरी को चरने के लिए नही छोड़ने के कारण पत्नी से इतना नाराज हुआ कि उसके सिर पर खून सवार हो गया खेत में अपनी पत्नी रनाय बाई के पास जाकर उसे गाली गलौज करने लगा और गुस्से में टांगिया के बेट से अपनी पत्नी पर प्राण घातक प्रहार कर दिया जिससे रनाय बाई खेत में ही बेहोश होकर गिर गई। उनका लड़का मेहतू राम अपनी मां को मार खाते हुए दूर से देख रहा था परंतु अपने पिता के द्वारा उसे भी मारे जाने के डर के कारण बीच बचाव करने नही आया । थोड़ी देर बाद पिता के वहां से चले जाने एवम मां के होश में आने के बाद लड़का मेहतु राम अपनी मां को खेत में बने लाड़ी में ले जाकर पानी पिलाया और मां की सेवा में लगा रहा, मगर आरोपी दस्सू राम द्वारा कुल्हाड़ी के बेट से किया गया प्रहार प्राण घातक साबित हुआ और हमले से रनाय बाई को लगी अंदरूनी चोटों के कारण कुछ ही देर में उसकी मृत्यु हो गईं। दूसरे दिन मृतिका रनाय बाई के भाई मंगुराम नूरेटी को दस्सू राम कुमेटी के द्वारा रनाय बाई की हत्या की सूचना मिलने पर पुलिस को सूचना दिया गया जिस पर पुलिस के द्वारा तत्परता दिखाते हुवे चंद घंटों के भीतर ही आरोपी दस्सू राम कुमेटी को गिरफ्तार कर लिया गया है जिसे आज दिनांक 17.03.23 को न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया ।
