@ भरत भारद्वाज
कोंडागांव– एक मां अपनी बेटी के मृत्यु के 6 महीने बाद भी दर-दर इंसाफ के लिए भटक रही है । प्रेस वार्ता कर छाया देवी ने अपने दामाद मुकेश रंगारी पर बेटी के मौत का आरोप लगाते हुए बताया कि उनकी बेटी वाणी की मौत सामान्य नहीं बल्कि एक हत्या है।
उसने कहा कि नवंबर2010 में लंजोडा निवासी मुकेश के साथ उनकी पुत्री वाणी का विवाह हुआ था,जिसके बाद से ही उसका पति लगातार शारीरिक व मानसिक तौर पर वाणी को प्रताड़ित करता था।
उसको 2011 में भी उसको मिट्टी तेल डाल कर मारने की कोशिश की गई थी।
जिसके बाद 2 साल हमारी बेटी हमारे साथ ही मायके में रही जिसके बाद फिर वह ससुराल आ गई थी।
लेकिन मारपीट व प्रताड़ना लगातार जारी रही बस इतना मारा था कि उसका कमर तक फैक्चर हो गया था
जिसका मैंने अपोलो बिलासपुर और अन्य अस्पतालों में ट्रीटमेंट कराया था, फिर मैं उसे वापस उसके ससुराल छोड़ गई।
फिर 2018 में उसे उसके पति के द्वारा इतना मारा गया कि वह बेहोश हो गई थी उसने बाद किसी तरह से हमे जानकारी लगने पर हम अपनी
लड़की को अपने साथ ले गए और इसकी सूचना पुलिस को देते 2018 में हमने एफ आई आर भी दर्ज करवाया, जिसके बाद डरते हुए उसने हमारी बेटी वाणी को इमोशनल ब्लैकमेल करते दोबारा ऐसी हरकत नहीं करके करूंगा करके वापस तो ले आया लेकिन वह अपनी आदत से बाज नहीं आया वह लड़की को फिर से डराने धमकाने लगा।
वहीं 05 मई को 10:30 /11:00 बजे उसके ससुर ने फोन करके बताया वाणी की तबीयत बहुत खराब है हम लोग रायपुर ले जा रहे हैं।
हमे फोन में भी सही जानकारी नहीं दी जा रही थी,जिसके बाद फोन के माध्यम से बताया गया कि हमारी बेटी की मृत्यु हो गई है और फोन काट दिया गया, हमने अपने परिचितों से थाने में फोन करवाया तब उन्होंने बॉडी को रोके रखा और वे पोस्टमार्टम को भी तैयार नहीं थे लेकिन बड़ी मुश्किल से पोस्टमार्टम के लिए तैयार तो हुए लेकिन लागातार धमकीया दे रहे थे। हमे अपनी बेटी के शव का फोटो भी खींचने नही दिया जा रहा था, हमने जबरदस्ती फोटो खींचा।
हमने मामले पर एसपी को भी आवेदन दिया है लेकिन अभी तक कोई संतुष्टि भरा जांच नहीं हुआ है वही जबकि हमारी लड़की के शरीर में चोट के निशान थे हमने जो फोटो खींचा उसमें स्पष्ट दिख रहा है कि चोट के निशान है लेकिन उस आधार पर न तो डाक्टरी मुलाहिजा हुआ नहीं पुलिस ने जांच की ,और ना ही हमारी कोई मदद इस मामले पर कर सका।
