शिक्षको के पदोन्नति मामले में आज हाई कोर्ट ने दिया फैसला , अब हो सकेगी पदोन्नतियां

योगेन्द्र सिंह बैस ✍️

बिलासपुर/रायपुर ,   छत्तीसगढ़ के शिक्षकों के प्रमोशन में लगा हाईकोर्ट का स्टे अब फैसला आने के बाद हट गया है। आज गुरुवार को हाईकोर्ट  की डिविजन बैंच ने अपना फैसला देते 1याचिका को छोड़कर समस्त याचिकाओं को निरस्त कर दिया । इससे अब शासन अब शिक्षको के पदोन्नति की प्रक्रिया प्रारंभ कर सकेगी । शिक्षक भर्ती पदोन्नति नियम 2019 को किया गया था हाईकोर्ट में चैलेंज अब याचिका निरस्त होते ही उक्त भर्ती नियम के तहत पदोन्नति की जा सकेगी । वही एक याचिका में फैसला देते निर्देश दिए गए की प्रधान पाठक से व्याख्याता पदोन्नति में अनुभव की गणना की जावे ।

ज्ञातव्य हो की एक के बाद एक कई याचिकाएं लगती गई और कोर्ट ने पदोन्नति में रोक लगा दी थी ,सुनवाई लंबे समय तक चली 2 माह पहले अंतिम सुनवाई कर कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था ।

छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा सेवा संवर्ग 2019 के नियम 15 को लेकर कुछ वरिष्ठ शिक्षकों ने अधिवक्ता अजय श्रीवास्तव के माध्यम से चुनौती दी थी। इसमें बताया था कि उक्त नियम के तहत पांच साल तक अनुभव रखने वाले सहायक शिक्षक प्रधानपाठक प्राइमरी स्कूल और शिक्षक के पद पर पदोन्नति के पात्र हैं। उक्त नियम को शिथिल कर अनुभव को तीन साल किया गया था।

नियमों में विसंगति का आधार बनाकर न्यायालय में चुनौती दी गई थी कि नियमों में एलबी कैडर की वरिष्ठता निर्धारण का कोई प्रविधान ही नहीं है। इससे अलग-अलग शिक्षा संभाग में अलग-अलग वरिष्ठता सूची का निर्धारण हो रहा है जो कि संविधान के अनुच्छेद 14 और 16 का उल्लंघन है। सुनवाई के बाद मुख्य न्यायाधीश की डिवीजन बेंच ने आगामी आदेश तक शिक्षक और प्रधानपाठक प्राइमरी स्कूल की पदोन्नति पर रोक लगा दी थी।

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