@ दिनेश साहू चारामा
सहभागी समाज सेवी संस्था चारामा रूरल लाईवलीहूड फाऊंडेशन और प्रदान संस्था की मदद से वैज्ञानिक पद्धति से लाख की खेती का टीओटी का दो दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया ।जिसमे लाख की खेती के विषय में व लाख की खेती को प्रायोगिक रुप से व वैज्ञानिक विधि से करने के लिए विस्तार पूर्वक जानकारी दी गई ।इस प्रशिक्षण को सहभागी समाज सेवी संस्था के मास्टर ट्रेनर व संस्था प्रमुख बसंत यादव,गरिमा कश्यप व आलोक ताम्रकार के द्वारा सफलता पूर्वक संपन्न कराया गया ।इस प्रशिक्षण को देने के लिए अन्य संस्था प्रदान के कुन्तल मुखर्जी,हेमंत देवांगन,नितिन व अनुराग का विषेश समर्थन प्राप्त हुआ ।इस ट्रेनिंग में अलग-अलग जिलों के संस्थाओं के कुल 31 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया जिसमे प्रदान संस्था नरहरपूर,कोंडागाँव,भानुप्रतापपूर,समर्थ ट्रस्ट कवर्धा,कर्म दक्ष संस्था पाली,बस्तर सेवक मंडल सुकमा,निरंजन जी समयता मठ दन्तेवाड़ा के संस्थाओं में चल रहे मेगा वाटर शेड परियोजना के कार्यकर्ता उपस्थित रहे ।इस दो दिवसीय प्रशिक्षण में प्रायोगिक और सैद्धांतिक रूप से प्रशिक्षण दिया गया व ग्रामीण क्षेत्र के कृषकों के यहाँ हो रहे रंगीनि, कुसमी लाख के फार्म का निरीक्षण किया गया और वृक्ष के चुनाव से लेकर विक्रय के लिए बाजार तक की प्रक्रियाओं के लिए विस्तार से जानकारी दी गई ।प्रशिक्षण मे उपस्थित प्रदान संस्था के कुन्तल मुखर्जी और सहभागी समाज सेवी संस्था के अध्यक्ष बसंत यादव व सचिव कलावती कश्यप ने कहा कि लाख की पैदावार किसानों के लिए एक बढ़िया आय का श्रोत है जिससे किसान अपनी आमदनी में दुगनी बढ़ोतरी कर सकता है ।इसी मार्गदर्शन के साथ सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान कर उनके इस प्रशिक्षण को और भी मूल्यवान बना दिया गया ।वृक्षों की कांट छांट ,कीट संचारण,फूंकी हटाना,कीटनाशक दवा छिड़काव,फसल कटाई,लाख छिलाई के संबंध में विस्तार से प्रशिक्षित किया गया तत्पश्चात भोथा व चपेली गाँव का भ्रमण किया गया जिसमे पेड़ कटाई,पोषक वृक्ष का पालरेशन ,कीट संचारण व फसलों के संबंध मे विस्तार से चर्चा किया गया ।
