विनोद जैन 
बालोद – भाजपा पूर्व प्रदेश मंत्री भाजपा राकेश कुमार यादव ने माननीय मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखकर जिला बालोद के डौंडी विकासखंड के ग्राम पथराटोला में लगभग रु. 5 करोड़ की लागत से प्रस्तावित विज्ञान केंद्र के निर्माण कार्य पर जाँच पूरी होने तक तत्काल रोक लगाने की माँग की है।
पत्र में कहा गया है कि डौंडी विकासखंड आदिवासी बहुल एवं खनन प्रभावित क्षेत्र है। यहाँ के अनेक ग्रामीण परिवार आज भी सुरक्षित पेयजल, लाल पानी की समस्या, सड़क, नाली, गाँवों के समुचित विकास, रोजगार एवं आजीविका जैसी मूलभूत आवश्यकताओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि मेरा उद्देश्य विज्ञान शिक्षा का विरोध करना नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि सार्वजनिक धन का उपयोग क्षेत्र की वास्तविक आवश्यकताओं और स्थानीय जनता के व्यापक हित में किया जाए। विकास का वास्तविक अर्थ केवल भवनों का निर्माण करना नहीं, बल्कि लोगों को सुरक्षित पेयजल, बेहतर सड़क, आवश्यक नागरिक सुविधाएँ, रोजगार और सम्मानजनक जीवन के अवसर उपलब्ध कराना भी है।”
पत्र में प्रमुख रूप से मांग विज्ञान केंद्र की वास्तविक लागत, वित्तपोषण स्रोत, आवश्यकता एवं स्वीकृति प्रक्रिया की स्वतंत्र जाँच हो। DMF/DMFT निधि के उपयोग की स्थिति स्पष्ट हो।
2. जाँच पूरी होने तक निर्माण कार्य, धनराशि जारी करने एवं नए कार्यादेश को स्थगित रखा जाए।
3. परियोजना चयन में पक्षपात या हितों के टकराव की निष्पक्ष जाँच हो।
4. खन प्रभावित गाँवों में लाल पानी की वैज्ञानिक जाँच कर सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराया जाए।
5. गाँवों में सड़क, नाली, स्वच्छता का सर्वेक्षण कर प्राथमिकता सूची बनाई जाए।
6. स्थानीय आदिवासी परिवारों के लिए रोजगार, कौशल विकास एवं आजीविका योजनाओं को प्राथमिकता दी जाए।
उन्होंने कहा कि जब तक क्षेत्र के ग्रामीण मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं, तब ऐसी परियोजना को प्राथमिकता देना उचित नहीं है। जिस परियोजना की आवश्यकता और जनहितकारी औचित्य प्रमाणित न हो, उसे पहले रोककर खन प्रभावित गाँवों की समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता दी जाए।
बालोद के डौंडी विकासखंड के ग्राम पथराटोला में 5 करोड़ की लागत से प्रस्तावित विज्ञान केंद्र के निर्माण पर जनसेवक राकेश कुमार यादव ने रोक लगाने की माँग की है।
उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर कहा कि डौंडी क्षेत्र खन प्रभावित और आदिवासी बहुल है। यहाँ आज भी ग्रामीण *लाल पानी, सुरक्षित पेयजल, सड़क, नाली और रोजगार* जैसी मूलभूत समस्याओं से जूझ रहे हैं।
उनका कहना है कि “विकास का मतलब सिर्फ भवन बनाना नहीं, बल्कि जनता को पेयजल, सड़क और रोजगार देना भी है। विज्ञान केंद्र की लागत, स्रोत और आवश्यकता की जाँच हो जाँच तक निर्माण पर रोक लगे पहले खनन प्रभावित गाँवों की पेयजल और सड़क की समस्या हल की जाए
